सीतापुर: गोलियों से छलनी हो गई फायरिंग बट की दीवार, गांव पर मडराया खतरा

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सीतापुर। उत्तर प्रदेश में सबसे शानदार फायरिंग रेंज में शुमार 11वीं वाहिनी पीएसी का फायरिंग बट गोलियाें से छलनी हो गया है। फायरिंग रेंज की दीवार इतनी जर्जर हो गई है कि यदि जल्द ही ठीक नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ी वारदात हो सकती है। फयरिंग बट की दीवार जर्जर होने से …

सीतापुर। उत्तर प्रदेश में सबसे शानदार फायरिंग रेंज में शुमार 11वीं वाहिनी पीएसी का फायरिंग बट गोलियाें से छलनी हो गया है। फायरिंग रेंज की दीवार इतनी जर्जर हो गई है कि यदि जल्द ही ठीक नहीं कराई गई तो कभी भी कोई बड़ी वारदात हो सकती है। फयरिंग बट की दीवार जर्जर होने से सबसे बड़ा खतरा रेंज के पीछे की ओर बसे ओबरी गांव के लोगों को है। शूटिंग के वक्त यदि एक भी गोली पार कर गांव पहुंची तो वहां किसी इंसान व जानवर को नुकसान हो सकता है।

इस खतरे के अलावा फायरिंग बट पर कई तरह की अव्यवस्थाएं भी हैं। इन अव्यवस्थाओं के चलते एक गोली, एक दुश्मन का फलसफा सीखने वाले पुलिस, पीएसी के जवानों व निशानेबाजों को भी तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। एरिए, भौगोलिक स्थित व वातावरण के लिहाज से यह फयरिंग बट तो काफी अच्छा है, लेकिन इंसानी जरूरत की चीजों का अभाव है। यहां पर फायरिंग अड्डों पर न ही फार्श है और न ही छांव है। शौचालय व रेस्ट रूम की भी कोई व्यवस्था नहीं है। बैरक तो दूर पेयजल का भी उचित बंदोबस्त नहीं है।

खास बात यह कि जवानों के निशाना लगाने के लिए इलेक्ट्रानिक टारगेट नहीं है। बारिश के मौसम में फायरिंग बट तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता भी नहीं है। जमीन कच्ची है। सड़क नहीं बनी है। जिससे बारिश के दौरान टारगेट तक पहुंचना परेशानी का सबब बन जाता है। लेकिन यह चंद अव्यवस्थाएं दूर हो जाएं तो यह फायरिंग रेंज इंडियन पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता तक कराने के काबिल हो जाएगा। पुलिस विभाग के एक शूटर का कहना है कि यह फायरिंग बट प्रदेश के अन्य फायरिंग रेंज में कई मायनों में काफी बेहतर है।

कुछ व्यवस्थाओं को यदि दुरुस्त करा दिया जाए तो यह शूटिंग रेंज देश के बेहतरीन शूटिंग रेंज में शुमार हो जाएगा। शूटर का कहना है कि यदि टारगेट व्यवस्था फायरिंग की दीवार यानी बट से 10 मीटर पीछे आ जाए तो सन लाइट अच्छी पड़ेगी और शूटरों के लिए निशाना साधने में काफी सहूलत मिलेगी। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि फिलवक्त फयरिंग करने में कोई दिक्कत नहीं है। सबकुछ ठीक चल रहा है।

नवंबर में होनी है अंतर वाहिनी शूटिंग प्रतियोगिता

फायरिंग बट की दीवार जर्जर होने व अन्य अव्यवस्थाओं के चलतेे नवंबर माह में होने जा रही अंतर वाहिनी पीएसी शूटिंग प्रतियोगिता में दिक्कत आ सकती है। सूत्रों का कहना है कि नवंबर में अंतर वाहिनी पीएसी शूटिंग प्रतियोगिता के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता भी होनी है। यदि अंतर वाहिनी पीएसी शूटिंग प्रतियोगिता से पहले इस शूटिंग रेंज को दुरुस्त करा दिया जाए तो निशानेबाजी का रिजल्ट काफी अच्छा आएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो काफी दिक्कतें आ सकती हैं। निशानेबाजों का कहना है कि समय रहते इसे व्यवस्थित कराना बेहतर होगा।

पुलिस के पास नहीं हैं 10 मीटर के फायरिंग रेंज

पुलिस व पीएसी विभाग के शूटरों का दावा है कि पुलिस व पीएसी के पास 10 व 50 मीटर के फायरिंग रेंज नहीं है। यदि 10 व 50 मीटर के फायरिंग रेंज बना दिए जाएं तो पुलिस विभाग को शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रैक्टिस करने में आसानी होगी। जिससे पुलिस व पीएसी विभाग को अच्छे निशानेबाज मिलेंगे। कुछ शूटरों ने यह भी सुझाव दिया कि यदि 10 व 50 मीटर फायरिंग के लिए इसे शूटिंग रेंज को प्राइवेट निशानेबाजों व शूटिंग का शौक रखने वालों के लिए खोल दिया जाए तो इससे काफी लाभ मिल सकता है।

डेढ़ करोड़ का गया है प्रस्ताव

11वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट अखिलेश चौरसिया ने बताया कि शूटिंग रेंज में कुछ सुधार व चीजों को दुरुस्त करने की जरूरत है। इस फायरिंग रेंज की अव्यवस्थाओं को दूर कर इसे और हाईटेक बनाने के कोशिश की जा रही हैं। फायरिंग रेंज को हाईटेक बनाने के लिए करीब डेढ़ करोड़ कर प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन से प्रस्ताव हुआ है। आगे की प्रक्रिया चल रही है। कुछ समय पूर्व टीम ने फायरिंग बट का निरीक्षण भी किया था। कोशिश है कि शीघ्र ही फायरिंग बट की दीवार, छांव, शौचालय, इलेक्ट्रानिक टारगेट आदि की व्यवस्था कर इसे और अच्छा व हाईटेक बनाया जाए। इसकी कोशिशें चल रही हैं।

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