बरेली: कीचड़ भरे पार्क में गांधी जी को माला चढ़ी, शास्त्री जी को दो फूल तक नहीं मिले

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बरेली, अमृत विचार। महापुरुषों के लिए भी दोहरे मानक अपनाए जा रहे हैं। सुरेश शर्मा नगर के पास 1989 में स्थापित हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क की प्रशासन, नगर निगम, जनप्रतिनिधि न ही सामाजिक संगठनों ने सुध ली। पार्क में झांकना तो दूर की बात, कीचड़ और गंदगी से भरे इस पार्क में स्थापित गांधी …

बरेली, अमृत विचार। महापुरुषों के लिए भी दोहरे मानक अपनाए जा रहे हैं। सुरेश शर्मा नगर के पास 1989 में स्थापित हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क की प्रशासन, नगर निगम, जनप्रतिनिधि न ही सामाजिक संगठनों ने सुध ली। पार्क में झांकना तो दूर की बात, कीचड़ और गंदगी से भरे इस पार्क में स्थापित गांधी जी, उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी और जवाहर लाल नेहरू की प्रतिमा की साफ-सफाई तक नहीं की। जलभराव के कारण पार्क की स्थिति बेहद खराब है।

प्रतिमाओं तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क के हाल ऐसे हैं कोई उस पर चल नहीं सकता। अनदेखी के कारण महापुरुषों का सम्मान होने की जगह उनका एक तरह से अनादर किया जा रहा है। 2 अक्टूबर के मौके पर किसी ने महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माला चढ़ा दी पर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दो फूल भी नसीब नहीं हुए। कीचड़-जलकुंभी से घिरी शास्त्री जी की प्रतिमा तक जाने के लिए सड़क तक नहीं है। जबकि तमाम जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन शनिवार सुबह से दोपहर तक ये दिखाने की कोशिश में जुटे रहे कि वह महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात कर उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए आमजन को प्रेरित कर रहे हैं।

स्वच्छता के प्रति लोगों में अलख जगा रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देशों पर प्रशासनिक अफसर भी सरकारी भवनों में कार्यक्रम कर गांधीजी के बताए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते दिखे लेकिन किसी ने इन महापुरुषों के पार्क की तरफ झांककर भी नहीं देखा। दुनियाभर में स्वच्छता की अलख जगाकर देश को आजादी दिलाने वाले गांधीजी, लाल बहादुर शास्त्री समेत अन्य महापुरुषों ने कभी यह नहीं सोचा होगा कि भविष्य के भारत में उनके साथ दोहरा व्यवहार होगा। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पत्‍‌नी ललिता शास्त्री ने 11 अप्रैल 1989 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क का उद्घाटन इसलिए कराया था ताकि लोग महापुरुषों का आदर-सम्मान कर सकें लेकिन यहां इसके उलटा हो रहा है।

बालगंगाधर तिलक, सुभाष चंद्र बोस, दास टंडन की प्रतिमा भी लगी है
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पार्क को स्थापित कराने में दीनानाथ कॉलोनी बसाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दीनानाथ मिश्रा ने भी सहयोग किया था। पार्क में एक जगह पर महात्मा गांधी व उनकी पत्‍‌नी कस्तूरबा गांधी व जवाहरलाल नेहरू की प्रतिमा है। दूसरी जगहों पर लाल बहादुर शास्त्री, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, सुभाष चन्द्र बोस व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पुरुषोत्तम दास टंडन की प्रतिमा भी लगी हैं।

इसके साथ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा ऊंचे टीले पर अकेली लगी हुई हैं। पार्क में कॉलोनी की नालियों का पानी पहुंचता है। सालों से पहुंच रहे कालोनी के पानी से ही इसकी हालत बदतर हो गयी। हालांकि, क्षेत्रीय पार्षद नरेश पटेल का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए संपवेल लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इस पर करीब 15-16 लाख रुपये खर्च होंगे।

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