कुमाऊं विश्वविद्यालय ने छात्र हित में लिया बड़ा फैसला, स्नातक प्रथम वर्ष के रिजल्ट में जुड़ेंगे इंटर के भी अंक

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हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए चार अक्तूबर से आयोजित होनी वाली परीक्षाओं के सन्दर्भ में कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण बाधित हुई पढ़ाई के चलते विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों, छात्र संगठनों एवं विद्यार्थियों के निवेदन पर विचार किया …

हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं विश्वविद्यालय के उच्चाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए चार अक्तूबर से आयोजित होनी वाली परीक्षाओं के सन्दर्भ में कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण बाधित हुई पढ़ाई के चलते विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों, छात्र संगठनों एवं विद्यार्थियों के निवेदन पर विचार किया गया।

कुलपति प्रो. एनके. जोशी के निर्देशों के अनुपालन में रविवार को आयोजित उच्चाधिकारियों की बैठक में व्यापक छात्र हित में निर्णय लिया गया है कि कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों के कारण बाधित हुई पढ़ाई के दृष्टिगत स्नातक प्रथम वर्ष (बीए/बीएससी/ बीकॉम) के विद्यार्थियों के परीक्षाफल को उनके प्रथम वर्ष के प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा में अर्जित अंकों एवं पूर्व योग्यता परीक्षा (इंटरमीडिएट) के अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा। जिसमें 70 प्रतिशत अधिमान प्रथम वर्ष के प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा में अर्जित अंकों से एवं 30 प्रतिशत अधिमान पूर्व योग्यता परीक्षा (इंटरमीडिएट) के कुल प्राप्तांको से लिया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में छात्र-छात्रा द्वारा प्राप्त अंकों को यथावत रखा जायेगा। साथ ही अगर कोई विद्यार्थी लिखित परीक्षा में अनुपस्थित रहता है तो उपरोक्त मानकों के अनुरूप स‍ंबंधित विद्यार्थी का परीक्षाफल घोषित करना संम्भव नहीं होगा।

बताते चलें  कि दो दिन पूर्व शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों द्वारा प्रशासनिक भवन में चार अक्तूबर आयोजित होने वाली स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा को निरस्त कर मानकों के आधार पर परीक्षाफल घोषित करने अथवा ओपन बुक सिस्टम से परीक्षा करवाने अथवा आंतरिक परीक्षा एवं असाइनमेंट के अंकों के आधार पर प्रमोट करने हेतु प्रदर्शन किया गया था। परन्तु विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षाओं को स्थगित करने अथवा परीक्षाओं के पैटर्न को परिवर्तित करने से इंकार कर दिया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन से अपनी मांगों को मनवाने हेतु रात 10 बजे तक छात्रों द्वारा प्रदर्शन एवं घेराव किया गया। अंत में कोविड-19 से उत्पन्न विषम परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों की मांगों को उच्चाधिकारियों की बैठक में रखकर उनमें व्यापक छात्र-हित में विचार करने पर सहमति बनी थी।

बैठक में कुलसचिव दिनेश चंद्रा, वित्त नियंत्रक आरएल आर्या, निदेशक जेसी बोस परिसर भीमताल प्रो. पीसी कविदयाल, संकायाध्यक्ष विज्ञान प्रो. एससी सती, संकायाध्यक्ष वाणिज्य प्रो. अतुल जोशी, संकायाध्यक्ष कला प्रो. आरके पांडे, संकायाध्यक्ष दृश्यकला प्रो. एमएस मावरी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. डीएस बिष्ट, कुलानुशासक डीएस परिसर प्रो. नीता बोरा शर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचसीएस बिष्ट, उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. रितेश साह, सहा परीक्षा नियंत्रक डॉ. गगनदीप होती आदि रहे।

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