बरेली: दो संपत्ति का आवंटन कराने वालों को निशाने पर लेगा प्राधिकरण
बरेली, अमृत विचार। सूबे के कई विकास प्राधिकरणों में नियमों को दरकिनार कर लोगों ने परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम से भूखंड, प्लॉट और फ्लैट के आवंटन करा दिए। अब ऐसी संपत्तियों को निशाने पर लेते हुए गड़बड़ी करने वालों की कुंडली तैयार की जा रही है। लोगों को इसकी भनक न लगे, इसलिए …
बरेली, अमृत विचार। सूबे के कई विकास प्राधिकरणों में नियमों को दरकिनार कर लोगों ने परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम से भूखंड, प्लॉट और फ्लैट के आवंटन करा दिए। अब ऐसी संपत्तियों को निशाने पर लेते हुए गड़बड़ी करने वालों की कुंडली तैयार की जा रही है। लोगों को इसकी भनक न लगे, इसलिए यह सारी प्रक्रिया गुपचुप तरीके से चल रही है क्योंकि पहले ऑनलाइन सिस्टम न होने से इस तरह की घपलेबाजी होने की बहुत ज्यादा संभावना थी। इसलिए यहां बरेली विकास प्राधिकरण के भी ऐसे लोगों के बारे में सूचनाएं इकट्ठा होने की सूचना मिल रही है। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी इस बारे में कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
शासनादेश के बाद तमाम विकास प्राधिकरण ने चेताया कि अगर किसी के पास एक प्लॉट, एक फ्लैट या एक मकान के अतिरिक्त दूसरी संपत्ति मिली तो दूसरा आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। प्रदेश के कई विकास प्राधिकरणों ने इसे लेकर एक से अधिक भूखंड व मकान लेने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नियमानुसार पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों में से केवल एक व्यक्ति ही संपत्ति ले सकता है। इसीलिए बीडीए भी बुकिंग के समय संबंधित व्यक्ति से शपथ पत्र लेता है कि उसके पास कोई दूसरा मकान, प्लॉट या फ्लैट नहीं है लेकिन तमाम लोगों ने नियमों को दरकिनार कर एक से अधिक संपत्तियां खरीदी हैं।
सूत्रों का कहना है कि ऐसी शिकायतें बरेली विकास प्राधिकरण यानी बीडीए के पास भी पहुंची है और इनका संज्ञान भी लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आवंटन का सारा सिस्टम ऑनलाइन हो चुका है। इसलिए अब ऐसी गड़बड़ी होने की संभावना न के बराबर ही है लेकिन कई साल पहले मैनुअल रिपोर्ट में इस तरह की घपलेबाजी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि इस तरह की जांच पारदर्शिता से हो जाए तो चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं।
रामगंगानगर को छोड़कर बाकी छोटी हैं परियोजनाएं
कई विकास प्राधिकरणों में मामले मिलने के बाद बीडीए में भी ऐसे घपले उजागर हो सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कंप्यूटर से एक से अधिक संपत्ति खरीदने वालों का विवरण तलाशा जाएगा। वैसे तो बीडीए की कई परियोजनाएं हैं लेकिन बड़े आवासीय प्रोजेक्ट में रामगंगानगर और करगैना ही हैं। इसके अलावा बीडीए की त्रिवटीनाथ के पास सहित कई अन्य परियोजनाएं हैं, जो बहुत छोटे स्तर की रही हैं। बीडीए की रामगंगानगर परियोजना काफी समय से फ्लॉप रही है। यही हाल बदायूं रोड की करगैना आवासीय परियोजना का रहा है। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि बरेली में इस तरह से मामले होंगे, इसकी संभावना बहुत ही कम है।
बड़ों के नाम हो सकते हैं उजागर
सामान्य आमदनी वाले आवंटी तो मुश्किल से एक ही आवंटन करा पाते हैं, जबकि पैसे वाले संपत्तियों के निवेश के नाम पर कई परिचितों के नाम या जुगाड़ से प्राधिकरण की संपत्तियों के आवंटन होने की सुगबुगाहट है। बताते हैं कि बीडीए ने भी अन्य विकास प्राधिकरणों की तरह ऐसे मामलों की जांच गंभीरता से कराता है तो कई बड़ों के नाम भी उजागर हो सकते हैं।
अगर किसी व्यक्ति ने कई प्लॉट के आवंटन के लिए आवदेन कर दिए हैं और लॉटरी में उनका नाम आ जाता है तो उनका एक आवंटन निरस्त कर दिया जाता है लेकिन पूर्व में अगर एक व्यक्ति के नाम आवंटन हुए हैं तो इसकी शिकायत मिलने पर जांच होगी। -जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष, बीडीए
