बरेली: मथुरापुर मदरसा में इमाम अहमद रजा कॉन्फ्रेंस का आयोजन
बरेली, अमृत विचार। दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर में उर्स-ए-रजवी मनाया जा रहा है। उर्स की सभी रस्में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद मियां की सरपरस्ती, जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत, जमात रजा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी में अदा की जा रही हैं। दूसरे …
बरेली, अमृत विचार। दरगाह ताजुश्शरिया और मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर में उर्स-ए-रजवी मनाया जा रहा है। उर्स की सभी रस्में काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद मियां की सरपरस्ती, जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उर्स प्रभारी सलमान मियां की सदारत, जमात रजा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी में अदा की जा रही हैं। दूसरे दिन मुफ्ती-ए-आजम हिन्द और ताजुश्शरिया के कुल की रस्म अदा की गई। जो जायरीन उर्स में नहीं आ पाए उन्होंने ऑनलाइन जुड़कर उर्स में शिरकत की।
जमात रजा के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि फजर की नमाज बाद दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रजा में कुरानख्वानी और नात-ओ-मनकबत की महफिल सजाई गई। असर की नमाज के बाद हाफिज सरफराज रजा ने कुरान की तिलावत की। नातख्वां नईम रजा तहसीनी और सैयद कैफी अली ने कलाम पेश किए। मुफ्ती अफजाल रजवी और मुफ्ती अब्दुर्रहीम नश्तर फारुकी ने तकरीर की।
शाम को 07:14 बजे ताजुश्शरिया के कुल की रस्म अदा की गई। रात 9 बजे कारी शर्फोद्दीन ने तिलावत-ए-कुरान से मुख्य कार्यक्रम का आगाज किया। नातख्वा रफीक रजा कादरी मुंबई और साबिर रजा सूरत ने नात-ओ-मनकबत का नजराना पेश किया। इमाम अहमद रजा खां कॉन्फ्रेंस में आए देश-विदेश के उलेमा ने आला हजरत की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए तकरीर की जिनमें मुफ्ती शाहजाद आलम, मस्कट ओमान के अल्लामा सलमान रजा फरीदी, अल्लामा काजी मुश्ताक, अल्लामा सूफी अब्दुस समद, अल्लामा अब्दुल मुस्तफा रुदौली ने खिताब किया। देर रात 01:40 बजे मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल की रस्म अदा की गई।
फातिहा मुफ्ती शकील ने शिजरा कारी फैजू नबी ने पढ़ा। मुफ्ती असजद मियां ने मुल्क की खुशहाली, तरक्की और कोरोना से निजात की दुआ की। निजामत मौलाना गुलजार ने की। इस मौके पर हुस्साम मियां, हुम्माम मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, बुरहान मियां, मंसूब मियां, कारी काजिम, मौलाना शाहमत रजा, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी और उर्स कोर कमेटी से डॉक्टर मेहंदी हसन, हाफिज इकराम रजा खां, शमीम अहमद, अब्दुल्लाह रजा खां, मोईन खां आदि मौजूद रहे।
सोमवार को दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रजा में सुबह 11 बजे से उलेमा की तकरीर होगी। दोपहर को 2:38 बजे आला हजरत के उर्स का समापन हो जाएगा।
मथुरापुर मदरसा में 103 पौधे रोपे
जमात रजा के प्रवक्ता समरान खान बताया कि आला हजरत के 103वें उर्स-ए-रजवी के मौके पर सीबीगंज स्थित मदरसा जामियातुर रजा में जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उर्स प्रभारी सलमान मियां की ओर से धन्तिया शाखा के सदर फैजान रजा ने अपनी टीम के साथ 103 पौधों का रोपण किया। इस मौके पर यासीन, आसिफ, आबिद, शकील खान, आदि मौजूद रहे।
दुनिया भर में आला हजरत पर हो रही है रिसर्च
मदरसा जामियातुर रजा में चल रहे कार्यक्रम के दौरान मरकजी दारूल इफ्ता बरेली के मुफ्ती मुहम्मद अब्दुर्रहीम नश्तर फारुकी ने कहा कि दुनिया के तकरीबन सौ विश्वविद्यालयों में आला हजरत की जिंदगी और खिदमात पर रिसर्च हो रही है। ऐसी शख्सियत सैकड़ों साल बाद कोई एक पैदा होती है। उन्होंने बड़े-बड़े वैज्ञानिकों की थ्योरी को रद किया है।
मगर अबतक किसी ने उनकी दलीलों को चुनौती नहीं दी। उन्होनें साढ़े सात घंटे में कुरान सभी तीस पारे याद कर लिए थे। उन्होनें करेंसी नोट, मनी ऑर्डर जैसे पेचीदा मसलों को हल किया। आला हजरत को दुनिया के 55 उलूम और फुनुन समेत उनकी सैकड़ों शाखों में महारत हासिल थी।
