लखनऊ: लखीमपुर विवाद का छात्रों पर भी पड़ा असर, जानें कैसे?
लखनऊ। लखीमपुर खीरी में हुए विवाद के बाद बंद की गयी इंटरनेट सेवा का असर आस-पास जिलों में भी देखने को मिला है, ऐसे में लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग कर रहा अभ्यर्थियों को दो दिनों का समय और दे दिया है। बीएड प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर अमिता वाजपेयी ने बताया …
लखनऊ। लखीमपुर खीरी में हुए विवाद के बाद बंद की गयी इंटरनेट सेवा का असर आस-पास जिलों में भी देखने को मिला है, ऐसे में लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीएड कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग कर रहा अभ्यर्थियों को दो दिनों का समय और दे दिया है। बीएड प्रवेश समन्वयक प्रोफेसर अमिता वाजपेयी ने बताया कि जिलो में में इंटरनेट सेवा बाधित होने के कारण अभ्यर्थी लगातार फोन करके तिथि बढ़ाये जाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से वह च्वाइस-फिलिंग’’ व अपना सीट कन्फर्मेशन और फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं।
ऐसे में अब बीएड काउंसलिंग के तीसरे चरण की (स्टेट रैंक 200001 से 350000 तक) और प्रथम काउंसलिंग के प्रथम व द्वितीय चक्र के छूटे हुए अभ्यर्थियों के लिए पंजीकरण व ’’च्वाइस-फिलिंग’’ प्रक्रिया कर तिथि बढ़ाकर आठ अक्तूबर कर दी गयी है। इससे पहले छह अक्तूबर तिथि निर्धारित थी। प्रोफेसर वाजपेयी ने कहा कि काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत महाविद्यालय चयन के पूर्व वेबसाइट पर उपलब्ध महाविद्यालयों की सूची से अपनी पसंद के महाविद्यालयों के कोड नोट कर लें तथा उन्हें अपनी रूचि के क्रम में अधिकाधिक संख्या में भरें जिससे वे अपनी पसंद के बीएड महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त कर सकें।
सावधानी से भरना होगा विकल्प
ऐसे में अभ्यर्थियों को अपना कॉलेज का विकल्प भरते समय बेहद सावधानी से भरना होगा। एक बार विकल्प लॉक हो जाने पर उनमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं होगा। अभ्यर्थियों को यह भी परामर्श दिया जाता है कि वे अद्यतन सूचना हेतु लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट को नियमित रूप से देखते रहें।
