लखीमपुर खीरी: मृतक के पिता बोले- मेरे बेटे को पहले मंत्री के बेटे ने गोली मारी, बाद में उसके ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी
लखीमपुर खीरी, रजनेश सक्सेना, अमृत विचार। लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद पूरे देश का माहौल गरमाया हुआ है। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने न सिर्फ किसानों पर गाड़ियां चढ़ाई थी, बल्कि पहले उसने गोली मारकर जान ली बाद में गाड़ियों से रौंद दिया। …
लखीमपुर खीरी, रजनेश सक्सेना, अमृत विचार। लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद पूरे देश का माहौल गरमाया हुआ है। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने न सिर्फ किसानों पर गाड़ियां चढ़ाई थी, बल्कि पहले उसने गोली मारकर जान ली बाद में गाड़ियों से रौंद दिया। जिसकी वजह से हालात और भी बिगड़ गए थे। किसानों का गुस्सा अभी भी शांत नहीं है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वह अजय मिश्रा का पार्टी से इस्तीफा और उनके बेटे आशीष की फांसी चाहते है। हालांकि अभी पुलिस सभी शवों का पोस्टमार्टम करा रही है। पोस्टमार्टम में उनकी मौत की असली वजह सामने आएगी।
क्या हुआ था घटना स्थल पर, सुनिए किसानों की जुबानी
मृतक किसान गुरबिंदर के चाचा मसकीन ने बताया कि तिकुनिया में प्रदर्शन में बैठे किसानों को जब पता चला कि अब यहां से डिप्टी सीएम और मंत्री अजय मिश्रा का काफिला नहीं गुजरेगा तो वह सभी वहां से वापस जा रहे थे। इसी बीच पीछे से तीन गाड़ियां करीब 70-80 की स्पीड में आई और किसानों को रौंधती हुई चली गई। जिसमें कई किसान बुरी तरह घायल हो गए। तो कुछ की मौके पर मौत भी हो गई थी। जब तीनों गाड़ियां आगे निकल गई तो आगे से एक बस आ रही थी। जिसकी वजह से तीनों गाड़ियां रुक गई। मगर भीड़ को आगे बढ़ते देख स्कॉर्पियो गाड़ी चालक अपनी गाड़ी लेकर फरार हो गया।
मंत्री के बेटे की गाड़ी पकड़ी तो उसने गोली मार दी
पीड़ित किसानों ने बताया कि भीड़ को कुचलने वाली गाड़ियों में आगे थार गाड़ी, बीच में स्कॉर्पियो और अंत में फॉरच्यूनर कार थी। फॉरच्यूनर में ही मंत्री अजय मिश्रा का बेटा आशीष उर्फ मोनू बैठा था। किसानों को कुलचने के बाद जब सभी उसकी गाड़ी की तरफ भागे तो मोनू ने अपनी बंदूक निकाली और गुरबिंदर के खोपड़ी में मार दी। गुरबिंदर की मौत के बाद उसके ऊपर गाड़ियां भी चढ़ा दी। इस घटना में कुल 4 किसानों की मौत हुई, करीब 15 लोग घायल भी हो गए।
किसानों की शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की थी योजना दरअसल, किसान हरप्रीत सिंह ने बताया कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं को लखीमपुर खीरी के किसानों ने कुछ समय पहले काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने किसानों के लिए कहा था कि वह उन्हें नहीं जानते वह क्या चीज है। इसके बाद जब रविवार को उनका कार्यक्रम था। जिसमे डिप्टी सीएम भी आने वाले थे। उसमें भी किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध करने का फैसला लिया था।
किसान तिकुनियां गांव में शांति पूर्ण अपना प्रदर्शन कर रहे थे। वह बीजेपी के काफिले को काला झंडा दिखाने के लिए बैठे थे। मगर इसी बीच प्रशासन ने कहा कि यहां बैठने से कोई फायदा नहीं क्योंकि जिस जबह वह बैठे है। वहां से उनका काफिला नहीं गुजरेगा। इसके बाद सभी किसान वहां जा रहे थे। इसी बीच अजय मिश्रा के बेटे ने उनके ऊपर गाड़ियां चढ़ा दी।
आश्वासन मिला तब टिकैत तैयार हुए पोस्टमार्टम के लिए
जबरदस्त हंगामे के बाद सोमवार को सरकार की तरफ से मृतक किसानों के परिवार को मुआवजे के तौर पर 45 लाख रुपए, एक सदस्य को योग्यता अनुसार नौकरी और घायलों को दस लाख रुपये के आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत शवों के पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
उधर पोस्टमार्टम पर भी किसानों की खासी भीड़ थी। यहां भी कोई दंगा न हो जाए। इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था। बताते चलें कि इससे पहले राकेश टिकैत ने ऐलान किया था कि जब तक मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी नहीं होती और अजय मिश्रा इस्तीफा नहीं देते तब तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
