हल्द्वानी: रकसिया नाले की ‘धार’ से कट जाती है मकानों की नींव
हल्द्वानी, अमृत विचार। बरसात में जवाहर ज्योति प्रथम (वार्ड संख्या 36) के कई परिवार खौफ की जिंदगी जीते हैं। यह खौफ उन्हें रकसिया नाले के किनारे बसे होने की वजह से सताता है। बारिश से नाला उफान मारता है, इसकी धार इतनी रफ्तार के साथ बहती है कि आसपास के मकानों की नींव तक कट …
हल्द्वानी, अमृत विचार। बरसात में जवाहर ज्योति प्रथम (वार्ड संख्या 36) के कई परिवार खौफ की जिंदगी जीते हैं। यह खौफ उन्हें रकसिया नाले के किनारे बसे होने की वजह से सताता है। बारिश से नाला उफान मारता है, इसकी धार इतनी रफ्तार के साथ बहती है कि आसपास के मकानों की नींव तक कट जाती है। हर साल डर के साथ जीने वाले इन लोगों को प्रशासन और शासन की उदासीनता का शिकार होना पड़ता है।
वार्ड दर वार्ड पड़ताल के तहत मंगलवार को वार्ड संख्या 36 में पहुंची अमृत विचार की टीम ने जब क्षेत्र का जायजा लिया तो कुमाऊं कॉलोनी के घरों की हालत देख हैरान रह गए। विनोद कुमार के मकान का नीचे का हिस्सा कटा हुआ था। पूछने पर पता चला कि एक महीने पहले नाले में तेज उफान आया और पानी की धार से मकान की यह हालत हो गई। पानी घर के अंदर आ गया और मकान कमजोर हो गया। यही हाल इस नाले के किनारे बसे कई मकानों में देखा गया।
मकानों को सुरक्षित करने के लिए दीवार को लेकर लंबे समय से मांग उठ रही है, लेकिन प्रशासन के अधिकारी सिर्फ प्रभावित लोगों से मिलकर उन्हें कोरा आश्वासन देकर लौट जाते हैं। जनप्रतिनिधियों को भी इसका ख्याल नहीं है। संपत्ति को लेकर यहां की बड़ी आबादी पिछले पांच सालों से मालिकाना हक मांग रही है, लेकिन शासन की घोषणा और तमाम सर्वे के बावजूद इसे पूरा नहीं किया गया।
