अयोध्या: एटीएम कार्ड क्लोन कर पैसा उड़ाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार
अयोध्या। एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लोगों के खाते से पैसे उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 200 ग्राम नशीला पाउडर व फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अर्टिगा कार भी बरामद की है। तीनों आरोपी हरियाणा राज्य के हैं। इन्हें रौनाही पुलिस …
अयोध्या। एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लोगों के खाते से पैसे उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 200 ग्राम नशीला पाउडर व फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अर्टिगा कार भी बरामद की है। तीनों आरोपी हरियाणा राज्य के हैं। इन्हें रौनाही पुलिस ने दिनकर ओवरब्रिज के पास से गिरफ्तार किया है। बुधवार की शाम को थाना रौनाही पुलिस चेकिंग कर रही थी।
तभी वहां से एक अर्टिगा कार गुजर रही थी, जिसे पुलिस ने रुकाने की कोशिश की तो ड्राइवर ने कार भगाने की सोची, लेकिन पुलिस ने मुश्तैदी दिखाते हुए कार रुकवा ली। कार में तीन लोग सवार थे, जिनकी पहचान प्रवीन कुमार उर्फ रिंकू, हिसार, संदीप उर्फ जल्ले, हिसार व मुकेश कुमार जींद, तीनों हरियाणा के रूप में हुई। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें से 200 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। कार पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि वे कार्ड क्लोन कर लोगों के पैसे उड़ाने का काम करते हैं। एसएसपी शैलेश पांडे ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
कम पढ़े-लिखे व बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
पुलिस ने अनुसार आरोपी भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। ये एटीएम के बाहर खड़े होकर कम पढ़े लिखे लोगों व बुजुर्गों को अपना शिकार आसानी से बना लेते थे। आरोपी हमेशा एटीएम के बाहर खड़े रहते थे। गरीब व बुजुर्गों के एटीएम में जाते ही उनके पैसे निकालने के बहाने उनका कार्ड क्लोन कर लेते थे। धीरे-धीरे उसके एकाउंट से पैसे उड़ा देते थे। पीड़ितों के मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी के बारे में पता चलता था।
पहचान में न आए इसलिए लगाते थे मास्क
कोरोना के बाद से मास्क लगाने का प्रचलन बढ़ गया है। आरोपी इसी का फायदा उठाते थे। एटीएम में जाने के बाद सीसीटीवी में भी इनके चेहरे क्लीयर नहीं आते थे। पुलिस का मानना है कि आरोपी के चेहरे पहचान में न आए इसीलिए वे दूसरे राज्यों में जाकर वारदात को अंजाम देते थे। कुछ महीने वारदात करने के बाद सभी आरोपी वापस अपने घर को लौट जाते थे। इनसे चार एटीएम कार्ड भी बरामद हुआ है।
