लखीमपुर हिंसा: अब बचाव नहीं, आक्रमण करेगी भाजपा, जानें क्या है प्लान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। लखीमपुर हिंसा के मामले में कई दिनों तक बैकफुट पर रहने वाली भाजपा अब आक्रामक मुद्रा में आने जा रही है। पार्टी अब इस हिंसा में मारे गए दो ब्राह्मणों के मुद्दे को हवा देगी, साथ ही इसके जरिए वह विपक्षी दलों सपा, बसपा और कांग्रेस के ब्राह्मण प्रेम को भी कटघरे में खड़ा …

लखनऊ। लखीमपुर हिंसा के मामले में कई दिनों तक बैकफुट पर रहने वाली भाजपा अब आक्रामक मुद्रा में आने जा रही है। पार्टी अब इस हिंसा में मारे गए दो ब्राह्मणों के मुद्दे को हवा देगी, साथ ही इसके जरिए वह विपक्षी दलों सपा, बसपा और कांग्रेस के ब्राह्मण प्रेम को भी कटघरे में खड़ा करेगी। शुक्रवार काे मुख्यमंत्री का बयान इसी रणनीति का अंग माना जा रहा है।

लखीमपुर हिंसा को लेकर समूचा विपक्ष भाजपा और राज्य सरकार पर हमलावर है। ऐसे में हिंसा के मारे गए किसानों के दाह संस्कार तक तो भाजपा और राज्य सरकार की रणनीति सब कुछ सौहार्दपूर्ण तरीक से निपटाने की रही। इस वजह से भाजपा ही नहीं सरकार भी बैकफुट पर नजर आ रही थी।

लेकिन पार्टी के रणनीतिकार अपनी तैयारी में जुटे थे। इस घटना को लेकर पार्टी ने फीडबैक भी जुटाया। पार्टी के फीडबैक में पाया गया कि जो किसान संगठन पहले से विरोध कर रहे हैं, उन्हें पार्टी अपने पाले में नहीं ला सकती। ऐसे में यदि इस घटना में ब्राह्मणों की मौत को मुद्दा बनाया जाए तो सपा, बसपा और कांग्रेस की वह रणनीति ध्वस्त हो सकती है, जिसके तहत वे लोग ब्राह्मण समाज को लुभाने में जुटे हैं।

प्रदेश की 110 से अधिक सीटों पर ब्राह्मणों का दबदबा देखते हुए पार्टी इस रणनीति में अपना फायदा देख रही है। इसीलिए पार्टी पूरी तरह से केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बचाव में खड़ी दिख रही है। उनके इस्तीफे को लेकर चल रही सारी चर्चाएं भी पार्टी स्तर पर खारिज हो चुकी हैं।

…यों ही योगी ने नहीं छेड़ा ब्राह्मण राग

निजी चैनल से बातचीत के दौरान शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे का बचाव किया। यही नहीं उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में दो ब्राह्मण भी मारे गए हैं, वहां क्यों नहीं गए विपक्ष के नेता। जगह-जगह ब्राह्मण सम्मेलन करने वाले वहां पर क्यों नहीं गए? दो ब्राह्मण युवकों की हत्या पर चुप क्यो हैं, अखिलेश यादव और सतीश मिश्रा।

उन्होंने कहा कि नीरज मिश्रा की हत्या को कोई भूल नहीं सकता है। संतोष शुक्ला हत्याकांड को भी भूला नहीं जा सकता है। वहां के पीड़ित परिवारों ने स्वयं कहा कि वह सरकार से संतुष्ट हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपना प्रदेश तो संभाल नहीं पा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कुछ किसान पुलिस की गोली से मारे गए, उनके प्रति उनकी कोई सहानुभूति नहीं है। चाकरी करनी है तो लखीमपुर चले आए। पंजाब के सीएम ने भी यही किया।

संबंधित समाचार