बरेली: परचम कुशाई से शाह शराफत मियां के उर्स का आगाज
बरेली, अमृत विचार। शुक्रवार रवीउल अव्वल की पहली तारीख को हजरत किबला शाह मौलाना शराफत अली मियां के 54वें उर्स का आगाज परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। जुलूस निकालने के साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद की विलादत के जश्न की शुरुआत भी हो गई। शाहबाद स्थित दरगाह पर जुमे की नमाज मियां हुजूर …
बरेली, अमृत विचार। शुक्रवार रवीउल अव्वल की पहली तारीख को हजरत किबला शाह मौलाना शराफत अली मियां के 54वें उर्स का आगाज परचम कुशाई की रस्म के साथ हो गया। जुलूस निकालने के साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद की विलादत के जश्न की शुरुआत भी हो गई। शाहबाद स्थित दरगाह पर जुमे की नमाज मियां हुजूर ने अदा कराई। जिसके बाद मेहमान खाने में एक तकरीर और नात का कार्यक्रम पीरो मुर्शिद मियां हुजूर की सरपरस्ती में हुआ।
मौलाना महमूद हुसैन ने तकरीर करते हुए कहा कि हजरत शाह शराफत मियां देश की अजीम शख्सियत हैं। आपका शुमार जलील उल कद्र औलिया-ए-किराम में होता है। खानकाह से निस्बत रखने वाले देश के सभी सूबों और शहरों में लाखों की तादाद में हैं। उस्ताद शायर मुंतखब मियां नूर ने कलाम पेश किया जिससे अकीदातमंद झूमने को मजबूर हो गए।
इसके अलावा नातख्वां आमिल ककरालवी और हसीब सकलैनी ने भी कलाम पेश किए। निजामत मुख्तार सकलैनी तिलहरी ने की। दोपहर 2:30 बजे पीरो मुरशिद मियां हुजूर ने परचम उठाकर गाजी मियां सकलैनी को सौंपकर रवाना किया।
जुलूस अपने तयशुदा रास्तों ब्रह्मपुरा, दीवानखाना, कोहाड़ापीर, नैनीताल रोड, कुतुबखाना और गली मनिहारान होता हुआ वापस दरगाह पहुंचा जहां उर्स का झंडा नस्ब कर दिया गया। इस दौरान मुहम्मद सादकैन सकलैनी, इंतिखाब अहमद सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, फैजयाब सकलैनी, हाफिज गुलाम गौस, सलमान सकलैनी, मुर्तुजा सकलैनी, असदक सकलैनी, मन्ना सकलैनी, हाजी इंतजार हुसैन, हाजी लतीफ सकलैनी, रीनू सकलैनी, हाफिज जाने आलम सकलैनी, निजाम सकलैनी, जिया सकलैनी आदि मौजूद रहे। जुलूस का रास्ते जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने बड़े पैमाने पर सबीलों का इंतजाम किया था।
सबीले लगाने वालों में मुन्ने सकलैनी, सलमान सकलैनी, हाफिज शमीम, गुड्डे सकलैनी, साबिर सकलैनी, शावेज सकलैनी आदि का सहयोग रहा। प्रवक्ता हमजा सकलैनी ने बताया कि शनिवार को मोहल्ला भूड़ लल्ला मार्केट के पास जश्ने शाह शराफत मियां मनाया जायेगा।
