अब्दुल्ला आजम की बढ़ीं मुश्किलें , चुनाव लड़ने पर लग सकती है रोक, सचिवालय ने निर्वाचन आयोग को भेजा पत्र
रामपुर, अमृत विचार। राज्य विधान सभा ने अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाए जाने सम्बन्धी मांग को कार्रवाई के लिए भारत निर्वाचन आयोग भेज दिया है। यह मांग पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने 23 सितम्बर को उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे को पत्र …
रामपुर, अमृत विचार। राज्य विधान सभा ने अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाए जाने सम्बन्धी मांग को कार्रवाई के लिए भारत निर्वाचन आयोग भेज दिया है। यह मांग पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने 23 सितम्बर को उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे को पत्र भेजकर की थी।
जिले की 34- स्वार विधान सभा सीट से 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में अब्दुल्ला आजम विधायक निर्वाचित हुए थे। तब उन्होंने नवेद मियां को हराया था। चुनाव परिणाम आने के बाद नवेद मियां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला की आयु चुनाव लड़ने योग्य नहीं थी और उसके द्वारा कूट रचित जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा गया है।
इस याचिका पर लम्बी सुनवाई के बाद 16 दिसम्बर 2019 को पारित निर्णय में हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। 2020 में अब्दुल्ला की ओर से इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। उनकी यह याचिका 16 सितम्बर 2021 को खारिज कर दी गई और सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट का निर्णय बरकरार रखा।
पूर्व मंत्री नवेद मियां ने 23 सितम्बर को उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे को पत्र भेजकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 107(1) के अंतर्गत अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन शून्य होने की दशा में उसके चुनाव लड़ने पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की मांग की थी।
विधान सभा सचिवालय के विशेष सचिव मुहम्मद शाहिद की ओर से भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा गया है, जिसमें नवेद मियां की मांग पर कार्यवाही करने को कहा गया है। सचिवालय के संयुक्त सचिव अजीत कुमार शर्मा ने नवेद मियां को पत्र भेजकर यह जानकारी दी है।
