मुरादाबाद: रोडवेज बस की टक्कर से उपश्रमायुक्त के पेशकार की मौत, मुकदमा दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में कांठ रोड पर शनिवार दोपहर तेज रफ्तार रोडवेज की बस ने कार में टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार उप श्रमायुक्त के पेशकार की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को पैतृक गांव ले गए और अंतिम …

मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में कांठ रोड पर शनिवार दोपहर तेज रफ्तार रोडवेज की बस ने कार में टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार उप श्रमायुक्त के पेशकार की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को पैतृक गांव ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया। रोडवेज बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मूलरूप से डिलारी थानाक्षेत्र के मझोली गांव निवासी 42 वर्षीय मदन पाल उपश्रमायुक्त के पेशकार पद पर तैनात थे। उनके परिवार में पत्नी सुमन के अलावा तीन बच्चे हैं। उनकी पत्नी सुमन शिक्षामित्र हैं। मदनपाल अपने परिवार के साथ सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की ‌हिमगिरी कालोनी के इंद्रानगर स्थित मकान नंबर 83 में रहते थे। सुमन ने पुलिस को बताया कि उनके पति सरकारी कार्य से शनिवार दोपहर कांठ रोड से घर लौट रहे थे।

दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मदन पाल की कार राजकीय आईटीआई कालेज के सामने से गुजर रही थी। तभी मुरादाबाद से कांठ की ओर जा रही रोडवेज की बस ने गलत साइड में जाकर उनकी कार में टक्कर मार दी। कुछ दूरी पर जाकर चालक ने बस रोक दी और कूदकर भाग गया। इस हादसे में मदनपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। मदनपाल कार में ही फंस गए। हादसा देख पीछे से आ रहे कैलाश, सतवीर सिंह और नरेश सिंह वहीं रुक गए।

छजलैट के गांव अन्यारी उर्फ अलीपुर निवासी समरपाल ने अन्य लोगों की मदद से कार में फंसे घायल मदनपाल को किसी तरह बाहर निकाला और तुरंत एशियन विवेकानंद अस्पताल पहंचाया, जहां डाक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना से मदन पाल के परिवार में कोहराम मच गया। परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रविंद प्रताप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि बस चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। चालक की तलाश की जा रही है।

नया मकान बनाकर कराया था माता का जागरण
मदपाल सिंह का मकान पहले एक मंजिल ही था। उन्होंने हाल ही में उसे तीन मंजिल बनाया था। मकान को सभी सुख सुविधाओं से लैस कराया था। पड़ोसियों ने बताया कि हाल में उनके मकान का निर्माण पूरा हुआ था। इसके बाद रात में उन्होंने माता का जागरण भी कराया था। जिस मकान को उन्होंने इतने शौक से बनवाया था किसे पता था कि वह उसमें एक दिन भी नहीं रह पाएंगे।

दो रातों से सोए नहीं थे मदनपाल सिंह
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मदनपाल सिंह के यहां शुक्रवार को माता का जागरण था। इसके लिए गुरुवार से ही हलवाई लगे हुए थे। पास में खली पड़े प्लाट में प्रसाद व मेहमानों के लिए खाना बनवाया गया था। गुरुवार की रात वह पूरी रात हलवाइयों के पास रहे थे। शुक्रवार की रात जागरण में बैठे थे। इसके चलते दो दिन तक उन्होंने पलक भी नहीं झपकाई थी।

सुमन का उजड़ा सुहाग, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मदनपाल की मौत से एक ओर जहां उनकी शिक्षामित्र पत्नी सुमन का सुहाग उजड़ गया। वहीं दूसरी ओर उनके तीनों बच्चों 15 वर्षीय पुत्र प्रियांशु सिंह, 9 वर्षीया बेटी तृप्ति और सात वर्षीया सृष्टि के सिर से पिता का साया हमेशा-हमेशा के लिए उठ गया। तीनों बच्चों और सुमन को शव से लिपटकर बिलखते देख मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। इस दौरान सुमन तो कई बार बेहोश भी हुई, परिवार की अन्य महिलाओं ने किसी तरह उसे संभाला।

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