बरेली: कोयले की कमी से शहर में होने लगी काली रात
बरेली, अमृत विचार। कोयला की कमी का असर बिजली की सप्लाई के साथ साथ शहर में भी दिखने लगा है। हालात यह है कि स्टीम कोयले के साथ साथ लकड़ी के कोयले का उत्पादन भी कम हो गया है। इससे शहर के गोदामों में लकड़ी का कोयला काफी कम मात्रा में बचा है। हालांकि सात …
बरेली, अमृत विचार। कोयला की कमी का असर बिजली की सप्लाई के साथ साथ शहर में भी दिखने लगा है। हालात यह है कि स्टीम कोयले के साथ साथ लकड़ी के कोयले का उत्पादन भी कम हो गया है। इससे शहर के गोदामों में लकड़ी का कोयला काफी कम मात्रा में बचा है। हालांकि सात से आठ दिन में कोयला आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने का दावा किया जा रहा है।
शहर में लगातार बिजली की कटौती की जा रही है। बताया जा रहा है कि देश में कोयला की खाद्यान में पानी भरा होने के चलते कोयले की खोदाई नहीं हो पा रही है। इससे शहर में बाहर से आने वाले कोयले की आवक पर भी असर पड़ा है। शहर में कोयले के गोदाम खाली होने लगे है। वही बाहर से माल नहीं आने से लकड़ी के कोयले के दाम में भी इजाफा हुआ है। बताया जा रहा है कि जल्द ही अगर कोयले का संकट दूर नहीं हुआ तो शहर में कोयले की कमी से दिक्कत हो सकती है।
ऐसे में शहर के कोयला गोदामों में पहले से जमा माल खाली होने लगा है। सबसे अधिक स्ट्रीम कोयले पर संकट छा गया है। श्यामगंज के लकड़ी कोयले के कारोबारी अमित गुप्ता ने बताया कि अभी लकड़ी के कोयले के दाम 25 रुपए प्रतिकिलों के हिसाब से है। हालंकि स्ट्रीम कोयले की कमी से लकड़ी के कोयले पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। लेकिन फिर भी उसके दाम बढ़ गए है।
