पीलीभीत: आतंकी हमले में शहीद सारज सिंह के गांव में हर आंख नम
बिलसंडा, अमृत विचार। जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में सोमवार को आतंकियों के हमले में शहीद हुए सारज सिंह के गम में उनके पैतृक गांव अख्तियारपुर में दूसरे दिन भी सन्नाटा छाया रहा। सारज सिंह को यादकर हर आंख नम थी। गांव वालों ने अपने घरों में चूल्हे तक नही जलाए। जिसने भी सुना वह …
बिलसंडा, अमृत विचार। जम्मू कश्मीर के पुंछ इलाके में सोमवार को आतंकियों के हमले में शहीद हुए सारज सिंह के गम में उनके पैतृक गांव अख्तियारपुर में दूसरे दिन भी सन्नाटा छाया रहा। सारज सिंह को यादकर हर आंख नम थी। गांव वालों ने अपने घरों में चूल्हे तक नही जलाए। जिसने भी सुना वह अख्तियारपुर में उनके घर की ओर दौड़ पड़ा। गांव के लाल के शहीद होने की बात पता चलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। गांव में अफसरों के अलावा मीडिया कर्मियों का भी जमावड़ा लगा रहा।
बिलसंडा की सीमा से सटे शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव अख्तियारपुर धौकल का 26 साल का लाल सारज सिंह आतंकी हमले में शहीद हो गया। यह खबर जिसने भी सुनी, वह अंदर तक हिल गया। हर किसी के दिल में आतंकियों और उसके आका पाकिस्तान के प्रति नफरत थी। शहीद की स्मृतियों में हर आंख नम थी। अख्तियारपुर धौकल निवासी नक्षत्र सिंह एवं परमजीत कौर के कुल तीन पुत्र हैं। जिनमे बड़ा बेटा गुरप्रीत सिंह दूसरा सुखवीर सिंह और सबसे छोटा सारज सिंह था । तीनो ही भाई भारतीय सेना में हैं।
सारज सिंह की तैनाती सेना में पांच वर्ष पूर्व हुई थी। सबसे पहले उन्हें पंजाब के फिरोजपुर में 16 आरआर रेजीमेंट में भेजा गया। इसके बाद सारज को जम्मू के सुरनकोट भेजा गया। वहां सोमवार को सारज सिंह आतंकी हमले शहीद हो गए। पिछले साल दिसंबर में ही उनकी शादी हरदोई के शाहाबाद की रहने वाली गुरप्रीत कौर से हुई थी। सारज की मौत पर टेंट स्वामी बन्टू जायसवाल दुखी दिखे। उनका कहना था सारज उनके बचपन का साथी था।
दिसंबर में उसकी शादी में वह शामिल हुए थे। यहां तक कि उन्होंने विवाह की तैयारियों में भी हाथ बांटा था। सारज के परिवार से बहुत गहरा रिश्ता है। अगले माह होने शाहबाद में उसके साले की शादी में भी उनका ही टेंट बुक है। मगर, दोस्त दुनिया से चला गया। इसलिए, कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा।
शहीद के नाम पर बनेगी सड़क
शाहजहांपुर के डीएम इंन्द्र विक्रम सिंह, एसपी एस आनंद भी शहीद के गांव पहुंचे। दोनों ने रोते बिलखते परिवार को ढांढस बंधाया और प्रदेश सरकार द्वारा दी गई 50 लाख रुपयों की मदद की जानकारी दी। इसके साथ ही शहीद सारज के नाम से शाहजहांपुर में सड़क बनाने की जानकारी भी परिवार वालों को दी। अपर जिलाधिकारी प्रशाशन रामसेवक द्विवेदी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विशाल कुमार भी मौजूद थे।
