अयोध्या: कोरखाना में हुई हत्या का मामला गरमाया, शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा
अयोध्या। बड़ी देवकाली स्थित कोरखाना नील गोदाम के पास बुधवार रात हुए गोलीकांड में मारे गए मंजीत यादव के परिवारजन व ग्रामीणों ने गुरुवार को यहां जमकर हंगामा काटा। पोस्टमार्टम के बाद शाम को देवकाली तिराहे पर शव रख रोड जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और …
अयोध्या। बड़ी देवकाली स्थित कोरखाना नील गोदाम के पास बुधवार रात हुए गोलीकांड में मारे गए मंजीत यादव के परिवारजन व ग्रामीणों ने गुरुवार को यहां जमकर हंगामा काटा। पोस्टमार्टम के बाद शाम को देवकाली तिराहे पर शव रख रोड जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। एसएसपी ने फरार तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित कर दी है और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस को घटनास्थल से पांच लग्जरी वाहन बरामद हुए हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब दस बजे बड़ी देवकाली स्थित कोरखाना नील गोदाम के पास सजे दुर्गा पंडाल में जागरण चल रहा था। वही ठीक बगल घर में पहुंचे हमलावरों ने फायरिंग करनी शुरू कर दी, जिसमें युवक मंजीत यादव की मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर जब उसके परिवार की दो बहनें लकी और खुशी दौड़ी तो बदमाशों ने उन्हें भी गोलियां मार दी। चीख-पुकार सुनते ही आस-पास के लोग मौके पर दौड़े तो हमलावर अपनी गाड़ियां छोड़कर भाग निकले। इस दौरान एक आरोपी लोगों की पकड़ में आ गया। वहीं घायल बच्चियों को जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वहीं मंजीत की मां सावित्री ने बताया कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं है। मंजीत की पत्नी गुड़िया का कहना है कि जागरण स्थल पर विवाद हो रहा था। उसी को सुनकर उनके पति बाहर निकले थे, तभी बदमाशों ने उनके पति और दोनों ननद को गोली मार दी। हमलावरों में कुछ लोग जनौरा के बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार नशे में धुत आरोपी किसी और से रंजिश रखे हुए थे और उसे ही मारने आए थे।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि मौके पर मिले पांच लग्जरी वाहनों से उनके मालिक का पता लगाया जा रहा है। इधर, गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिवारजन व ग्रामीणों ने युवक का शव देवकाली तिराहे पर रखकर रोड जाम कर दिया। घंटों शव सड़क पर रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। तकरीबन दो घंटे के बाद लोगों को समझा-बुझाकर उनके घर भेजा गया। इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा।
सपा ने कानून व्यवस्था पर मारा ताना
बुधवार देर रात जिला अस्पताल पहुंचे सपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री पवन पांडे ने कहा कि शहर दुर्गा पूजा चल रही है और अपराधी फायरिंग कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए और दोनों बच्चियों की समुचित इलाज की व्यवस्था हो।
समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष गंगा सिंह यादव, पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन, पूर्व मंत्री आनंद सेन यादव ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
उन्होंने कहा की भाजपा सरकार में अपराधियों का बोलबाला है अपराधी जब चाहते हैं अपराध करके चले जाते हैं । उन्होंने कहा कि प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी करे साथ ही पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी भी दी जाए। समाजवादी पार्टी इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार के साथ है जहां भी अत्याचार अन्याय होगा समाजवादी पार्टी उसके खिलाफ संघर्ष करेगी।
