बरेली: श्रीराम के अग्नि वाणों की बौछार से बुराई पर अच्छाई की जीत का मना जश्न

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। विजयदशमी का पर्व जनपद में धूमधाम से मनाया गया। हार्टमैन स्कूल के पास रामलीला मैदान और जोगीनवादा, सुभाषनगर में रावण दहन के बड़े आयोजन के साथ कॉलोनियों में भी रावण के पुतले फूंके गए। श्रीराम के स्वरूपों ने अपने अग्निवाणों से रावण पर प्रहार किया। पलभर में रावण के पुतले धू-धूकर जल …

बरेली, अमृत विचार। विजयदशमी का पर्व जनपद में धूमधाम से मनाया गया। हार्टमैन स्कूल के पास रामलीला मैदान और जोगीनवादा, सुभाषनगर में रावण दहन के बड़े आयोजन के साथ कॉलोनियों में भी रावण के पुतले फूंके गए। श्रीराम के स्वरूपों ने अपने अग्निवाणों से रावण पर प्रहार किया। पलभर में रावण के पुतले धू-धूकर जल गए। इस तरह हजारों की संख्या में लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया।

वनखंडी नाथ मंदिर परिसर में आयोजित रामलीला में शुक्रवार की देर शाम करीब 8 बजे रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण के पुतले फूंके गए। शाम से ही लोग मेला में पहुंच गए थे। किसी प्रकार की घटना न हो, इसके लिए पुलिस तैनात रही। मेला कमेटी की ओर से रामलीला मैदान में जलभराव वाले स्थान को मिट्टी डालकर ठीक किया गया। उसके बाद वहां पर रावण, मेघनाद, के पुतले खड़े किए गए थे। मेला संयोजक धर्मेन्द्र राठौर ने सबसे पहले कंडील आकाश में छोड़े। रामलीला मंच से बैंडबाजों के साथ राम, लक्ष्मण और रावण अपनी सेना के साथ ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर रामलीला मैदान पहुंचे जहां आतिशबाजी से स्वागत किया।

लोगों ने राम, लक्ष्मण, रावण, मेघनाद के साथ सेल्फी ली। लोगों की भीड़ पुतलों तक न पहुंच जाए, इसके लिए पुलिस कर्मी और कमेटी के पदाधिकारी मुस्तैद रहे। श्रीराम ने अग्नि वाण से रावण पर प्रहार किया तो पुतला जलकर राख हो गया। हजारों की संख्या में मौजूद दर्शकों ने जय श्री राम के जयकारे लगाए। रामलीला मैदान में 51 फुट का रावण और 45 फुट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले फूंके गए। इसके बाद रामलीला मैदान से वापस आकर रामलीला में श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ।

उसके बाद रामलीला का विश्राम हुआ। इस मौके पर संरक्षक गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुरेश राठौर, हरिओम राठौर, लक्ष्मी नारायण राठौर, भैरो प्रसाद राठौर, तारा सम्राट, संजीव शर्मा, विशाल राठौर और सुनील दत्त शर्मा मौजूद आदि मौजूद रहे।

474 साल पुरानी रामलीला में जला रावण का पुतला, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उड़ाए कंडील
श्री रानी महालक्ष्मी बाई रामलीला समिति की ओर से बड़ा बाग पर आयोजित रामलीला में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला दहन किया गया जिसमें हजारों की संख्या में दर्शक पुतले को देखने पहुंचे और रावण की अस्थियां भी घरों को ले गए।
शुक्रवार को शाम करीब 7:30 बजे भारत माता और जय श्री राम के जयकारे के बीच राम और रावण युद्ध शुरू हुआ जो काफी देर तक चला। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार और पूर्व मेयर सुभाष पटेल ने कंडील आकाश में छोड़े। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने श्रीराम समेत अन्य स्वरूपों की आरती उतारी। उसके बाद राम ने अग्नि बाण से रावण प्रहार कर बुराई पर अच्छाई की विजय प्राप्त की।

नगर विधायक डा. अरूण कुमार ने चरित्र से सीखने और उनकी भक्ति करने का संकल्प दोहराया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रामगोपाल मिश्रा ने 474 साल पुरानी रामलीला के इतिहास के बारे में बताया। इस मौके पर आतिशबाज हनीफ ने अपनी आतिशबाजी के करतब दिखाए। मेले में मुख्य रूप से शिवनारायण दीक्षित, धीरेन्द्र शुक्ला, प्रभुनारायण तिवारी, ब्रजेश प्रताप सिंह, उदित सक्सेना, शशि गौतम, हरीश शुक्ला, सत्य प्रकाश, राहुल मिश्रा और रामपाल गंगवार को विशेष का योगदान रहा।

रावण वध के बाद हुआ श्रीराम का राजतिलक
श्री रामलीला सभा सुभाषनगर में दशहरा मेला का आयोजन किया गया। जिसमें सबसे पहले श्रीराम और हनुमान की आरती उतारी गयी। शाम को 6 बजे श्रीराम ने रावण के पुतले पर अग्निबाण से प्रहार कर पुतले दहन किये। पुतला दहन के बाद श्रीराम का राजतिलक किया गया। इस मौके पर अशोक शर्मा, अलोक तायल, राजकुमार तिवारी, अखिलेश सिंह, अमित भारद्वाज, प्रवीण शर्मा, दीपक पांडेय, अजय शर्मा, जगदीश सक्सेना, उदयवीर सिंह, मिलन सक्सेना, ललित सिंह, प्रदीप अग्रवाल और सुधीर कश्यप आदि मौजूद रहे।

मॉडल टाउन में मनाया गया सूक्ष्म दशहरा मेला
बरेली दशहरा रामलीला धार्मिक सेवा समिति ने 70 वें दशहरा मेला सूक्ष्म रूप से इंदिरा पार्क में मनाया। श्री सनातन धर्म मंदिर में राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान का पूजन करने के बाद श्रीराम अपनी सेना के साथ रावण से युद्ध करने पहुंचे। शाम 6.45 बजे राम लक्ष्मण ने कुंभकर्ण, मेघनाद और रावण का वध करके 15 फुट ऊंचे रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले फूंके। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष सतीश खट्टर, सुशील कुमार, अनिल अरोरा, रवि छावड़ा, संजीव चांदना, अमरजीत बग्गा, अश्वनी ओबराय, जुगल किशोर, संजय आनंद, नवीन अरोरा, जितिन दुआ आदि लोग मौजूद रहे।

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