अयोध्या में डेंगू का डंक, 15 दिन में मिले 112 मरीज
अयोध्या। जिले में भी डेंगू अपने पांव पसार रहा है। रोजाना जिला चिकित्सालय में होने वाले एलाइजा टेस्ट में लोग डेंगू पॉजीटिव पाए जा रहे हैं। 1 से 15 अक्टूबर तक के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि अगर चेते नहीं तो मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है। जिला चिकित्सालय में …
अयोध्या। जिले में भी डेंगू अपने पांव पसार रहा है। रोजाना जिला चिकित्सालय में होने वाले एलाइजा टेस्ट में लोग डेंगू पॉजीटिव पाए जा रहे हैं। 1 से 15 अक्टूबर तक के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि अगर चेते नहीं तो मरीजों की संख्या और भी बढ़ सकती है। जिला चिकित्सालय में 15 दिन में 229 मरीजों के टेस्ट हुए, जिनमें 112 लोगों की एलाइजा रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। शहर के जिला चिकित्सालय में औसतन प्रतिदिन 800 से 1500 मरीज ओपीडी पहुंचते हैं, जिसमें शहर से ही नहीं बल्कि आस-पास के जिलों के लोग भी शामिल होते हैं।
लैब कर्मी दुर्गेश ने बताया कि 15 दिन में जांच कराने वाले मरीजों में 50 प्रतिशत लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव आई है। फिलहाल यह तो एक बानगी भर है। अगर दर्शननगर स्थित मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट लैब में हुए टेस्ट को काउंट करें तो यह संख्या और बढ़ सकती है। अस्पताल के वार्ड में चार मरीज भर्ती हैं, जिन्हें बुखार और प्लेटलेट्स डाउन होने के बाद भर्ती कराया गया था।
जिला मलेरिया अधिकारी एमए खान ने बताया कि एक जनवरी से 15 अक्टूबर 2021 तक 211 मरीज पॉजीटिव पाए गए हैं, जिसमें 119 ग्रामीण व 92 शहरी इलाकों के हैं। इसमें मेडिकल कॉलेज और लखनऊ से सूचित आंकड़े शामिल हैं। इसमें 35 केस अन्य जिलों के हैं। शहर में जैसे ही कोई केस आता है तो उसके अगेंस्ट छिड़काव किया जाता है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जाता है। ग्रामीण इलाकों में यह काम सीएचसी के द्वारा किया जाता है। नगर निगम भी छिड़काव का कार्य करता है।
उन्होंने बताया कि केस आने के बाद हम उस जगह पर जाकर छिड़काव और जमा पानी को खाली कराते हैं। शहर का सबसे प्रभावित इलाका रिकाबगंज, बल्लाहाता, टेली टोला, महाजनी टोला व मुकेरी टोला है, जहां से डेंगू प्रभावित कई मरीज मिले हैं। हमारे तरफ से डेंगू के खात्मे को सभी कार्य किया जा रहा है।
डेंगू से बचने के उपाय
1-लंबे समय तक किसी भी बर्तन या अन्य जगह पर पानी न जमा होने दें।
2-पानी को हमेशा ढककर रखें और बदलते रहें।
3-कूलर का पानी हर दिन बदलते रहें।
4-पूरी बांह के कपड़े पहनें।
