लखनऊ: एलडीए में बाबुओं की आईडी बंद, फंसा रिफंड, आवंटी हो रहे परेशान

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लखनऊ।  गोमती नगर में 13 भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद फर्जीवाड़े से बचने के लिए एलडीए ने अपने सभी बाबुओं की आईडी बंद कर दी है। इससे एक नयी समस्या खड़ी हो गयी है। प्राधिकरण की योजनाओं के आवंटियों के रिफंड और पेमेंट फंस गए हैं। वहीं एलडीए ने इसके …

लखनऊ।  गोमती नगर में 13 भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आने के बाद फर्जीवाड़े से बचने के लिए एलडीए ने अपने सभी बाबुओं की आईडी बंद कर दी है। इससे एक नयी समस्या खड़ी हो गयी है। प्राधिकरण की योजनाओं के आवंटियों के रिफंड और पेमेंट फंस गए हैं। वहीं एलडीए ने इसके लिए कोई वै​कल्पिक व्यवस्था नहीं की है। जिससे आवंटी अपना पैसा वापस लेने के लिए प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं।

बाबू की मिलीभगत से गोमती नगर में 13 भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री के बाद भ्रष्टाचार रोकने के लिए एलडीए ने आनन—फानन अपने सभी बाबुओं की आईडी बंद कर दी। जिससे भुगतान सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्य भी रुक गए हैं। एलडीए ने गोमती नगर, जानकीपुरम, देवपुर पारा, कानपुर रोड ​सहित अन्य योजनाओं में फ्लैट बनाए हैं। फ्लैट खरीदने वाले कुछ आवंटी निरस्तीकरण भी कराते हैं। जो आवंटी फ्लैट निरस्त करवा रहे हैं उन्हें एलडीए बाबुओं की आईडी बंद होने से पैसा वापस नहीं कर पा रहा है।

आवंटियों ने इसकी शिकायत प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी से की है। जिसके बाद इस पर एलडीए बुधवार को निर्णय ले सकता है। योजना देख रहे बाबुओं का तर्क है कि व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए एक सेल में पांच से छह सदस्यीय टीम बना दी जाए। अपार्टमेंट देख रहे बाबु रिफंड की संस्तुति करके फाइल भेज दें जिसके बाद आगे की कार्रवाई सेल में बैठे बाबू कर दें। जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और आवंटियों को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा।

यह समस्या आ रही है। जिस पर प्राधिकरण बुधवार को निर्णय ले सकता है। जिसमें कुछ बाबुओं की ही आईडी खोलकर केवल भुगतान करने की सुविधा दी जा सकती है…ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण।

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