अयोध्या: डीसीएम लेकर बहराइच गए ड्राइवर का शव सीतापुर में मिला, जानें पूरा मामला
अयोध्या। शहर से बहराइच के लिए पेंट से भरी डीसीएम लेकर निकले ड्राइवर का संदिग्ध परिस्थितियों में शव सीतापुर से बरामद होने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यहां मकबरा तिराहे पर शव रखकर रोड जाम कर दिया। इसके बाद डीसीएम मालिक पर हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग …
अयोध्या। शहर से बहराइच के लिए पेंट से भरी डीसीएम लेकर निकले ड्राइवर का संदिग्ध परिस्थितियों में शव सीतापुर से बरामद होने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यहां मकबरा तिराहे पर शव रखकर रोड जाम कर दिया। इसके बाद डीसीएम मालिक पर हत्या का आरोप लगाते हुए उसकी गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की।
सूचना पाकर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोड से उठाया और रूट डायवर्ट कर यातायात बहाल करवाया। वहीं, दो घंटे की लंबी जद्दोजहद के बाद परिवार शव का अंतिम संस्कार कराने को राजी हुआ। कोतवाली नगर क्षेत्र के शहादत अली खां छावनी निवासी सांवरी देवी ने बताया कि उनके पति रामकुमार उर्फ (छोटू) पेंट कारोबारी अनुज शुक्ला के यहां काम करते थे। 13 अक्टूबर को रामकुमार पेंट से भरी डीसीएम लेकर बहराइच के लिए रवाना हुआ।
उसी दिन घर वालों से अंतिम बार फोन पर बात होने के बाद से स्विच ऑफ आने लगा। सांवरी ने आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर को उसके पुत्र अंकित (15) के पास मालिक अनुज शुक्ला का फोन आया और पैसे ले जाने की बात कर रहा था। तकरीबन पांच बार फोन करने के बाद अंकित अगले दिन अनुज शुक्ला के पास पहुंचा तो उसे बंधक बना लिया और आधार कार्ड की फोटो खींच लिया। इस दौरान अनुज ने ही अंकित को बताया कि तुम्हारे पिता दो दिन से लापता हैं। तुम्हें पता है। अंकित के अनभिज्ञता जताने पर उसे छोड़ दिया। इसके बाद अंकित व उसका परिवार कोतवाली नगर में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराने गया। वहां से उन लोगों को चौकी भेज दिया गया।
चौकी में भी कार्रवाई न होने के बाद कोतवाली गए परिजनों से कहा गया कि आप वहीं जाइए जहां से कांड हुआ है। अचानक मंगलवार को चौकी से कोतवाली पहुंचने के लिए फोन आया। वहां पहुंचने पर एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही पुलिस ने कहा कि आपको एक लोगों की सीतापुर में शिनाख्त करनी है। इस दौरान अंकित और उसके जीजा और मामा वहां पहुंचे तो पता चला कि शव रामकुमार का है। वहां से सूचना मिली की शव 15 तारीख को ही बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम किया जा चुका है।
इसके बाद परिजन शव यहां लेकर पहुंचे और अनुज शुक्ला पर हत्या का आरोप लगाते हुए उस पर मामला दर्ज करने की मांग करने लगे। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी पलाश बंसल, नगर कोतवाल सुरेश पांडेय व भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। इस दौरान परिवारजन शव को सड़क से हटाने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद उन्होंने शव को हटाया और उसके बाद उसे गुप्तारघाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया।
मांगा 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी
परिजनों ने एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम भेजा है। उन्होंने मांग की है कि डीसीएम मालिक अनुज शुक्ला के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सावरी देवी ने बताया उनकी सात बेटियां हैं व एक बेटा है। दो बेटियों की शादी होनी है, जिसमें एक की शादी अगले महीने होनी है। ऐसे में परिवार का एकमात्र सहारा था वह भी चला गया। उन्होंने सरकार से 50 लाख रुपए के मुआवजे की मांग करते हुए पुत्र के लिए नौकरी की मांग की। साथ ही आरोपी व दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
