पीलीभीत: शारदा पार फंसे 26 लोगों को वायु सेना ने एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला

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पीलीभीत, कलीनगर, अमृत विचार। शारदा नदी की बाढ़ में फंसे 26 लोगों को वायु सेना ने एयरलिफ्ट कर दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू को लेकर डीएम, एसपी समेत अफसर मौके पर जुटे रहे। सुरक्षित निकले सभी लोगों का स्वास्थ्य चेकअप कराया गया। तहसील प्रशासन को सभी की निगरानी बरतने के …

पीलीभीत, कलीनगर, अमृत विचार। शारदा नदी की बाढ़ में फंसे 26 लोगों को वायु सेना ने एयरलिफ्ट कर दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू को लेकर डीएम, एसपी समेत अफसर मौके पर जुटे रहे। सुरक्षित निकले सभी लोगों का स्वास्थ्य चेकअप कराया गया। तहसील प्रशासन को सभी की निगरानी बरतने के निर्देश दिए। हालांकि बाढ़ को लेकर कई गांव में पानी अभी भी भरा हुआ है।

बनवसा बैराज से छह लाख पानी छोड़े जाने के बाद मंगलवार को शारदा नदी विकराल रूप में दिखी। जलस्तर बढ़ते ही कलीनगर तहसील क्षेत्र के नेपाल सीमा से सटे एक दर्जन गांव में नदी का पानी घुस गया। घर डूबने लगे, एसएसबी और पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू कर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरिक्षत स्थान पर पहुंचाया।

इधर धान की कटाई करने शारदा नदी के पार पहुंचे लोगों के अलावा थारू पटटी बस्ती के लोग भी जलस्तर बढ़ने के बाद वहां फंस गए थे। नदी में पानी अधिक होने से रेस्क्यू नहीं किया जा सका। स्थिति खराब होने के बाद अफसर भी गंभीर हुए। डीएम पुलकित खरे ने वायु सेना से संपर्क कर स्थिति को अवगत कराया। अनुमति मिलने के बाद बुधवार को वायु सेना का हेलीकॉप्टर रमनगरा उतरा।

डीएम पुलकित खरे और एसपी दिनेश कुमार पी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। वायु सेना के जवानों से वार्तालाप के बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। आठ बजे हेलीकॉप्टर रवाना हुआ। दो घंटें तक चले रेस्क्यू के बाद महिला, पुरुष और बच्चों समेत 26 लोगों को सेना ने सुरक्षित निकाला। डीएम, एसपी ने सभी का हाल जाना। इसके बाद ग्रामीणों का स्वास्थ्य चेकअप कर जरूरी दवाएं भी दी गई। खाना पीने की व्यवस्था भी कराई गई। स्थिति सामान्य होने के बाद डीएम और एसपी मौके से रवाना हो गए। तहसील स्तर के अफसर मौके पर जुटें रहे।

हेलीकॉप्टर देखने के लिए लगी ग्रामीणों की भीड़
रेस्क्यू के लिए पहुंचा सेना का हैलिकापटर देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद सेना तो रवाना हो गई, लेकिन लोगों उनकी सराहना करते नजर आए।

सिख संगत ने कारसेवा कर चलाया लंगर
शारदा नदी में बाढ़ आने के बाद हालात बिगड़ गए। लोगों में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद सिख संगत के लोग आगे आए और मंगलवार से ही लंगर आदि की व्यवस्था की गई। बुधवार को लंगर की व्यवस्था की गई।

गांव में घुसा पानी उतरने लगा
जलस्तर बढ़ने के बाद शारदा नदी का पानी एक दर्जन गांव में घुस गया था। कुतिया कवर गांव पूरी तरह डूब गया था। इसके अलावा नलडेंगा, रमनगरा और पुरैना गांव में भी स्थिति खराब हो गई थी। बुधवार कुतिया कवर गांव में पानी उतरने लगा। इसके अलावा पुरैना क्षेत्र के कुछ घरों में पानी घुसा हुआ है। ग्रामीणों ने मार्ग पर सामान रख खुद को सुरक्षित किया।

बाढ़ के दौरान शारदा नदी के पार फंसी गीता मिस्त्री ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद वहां हालात खराब हो गए थे। घरों की छतों पर दिन रात गुजारी। सेना के हैल्किापटर पहुंचने के बाद राहत मिली। फिर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए।
शिवानी गाईन ने बताया कि नदी का विकराल रूप पहले कभी नहीं देखी। स्थिति इतनी खराब थी कि हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। लेकिन भगवान ने कृपा की सेना पहुंची और सुरक्षित निकाल लिया।
कुलवीर सिंह ने बताया कि धान की कटाई करने वहां गए थे पानी बढ़ने के बाद फंस गए। स्थिति खराब होती गइ। किसी तरह थारू पटटी की बस्ती में पहुंचे। सेना के पहुंचने के बाद नदी के इस पार सुरक्षित पहुंचे।
अभय सरकार ने बताया कि नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया की पानी तुफान की तरह नजर आ रहा था। हिम्मत कर घरों के ऊपर बैठे रहे। बुधवार को सुबह होते ही सेना पहुंची और सुरक्षित बाहर निकाला।

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