पीलीभीत: मुख्यमंत्री के निर्देश पर आए जल शक्ति संसाधन मंत्री, बाढ़ ग्रस्त इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण

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पीलीभीत, अमृत विचार। जल शक्ति संसाधन मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने हेलीकॉप्टर में बैठकर बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उसके बाद पुलिस लाइन में अफसरों संग बैठकर राहत और बचाव कार्य को बैठक कर रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है। किसी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। फसलों …

पीलीभीत, अमृत विचार। जल शक्ति संसाधन मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने हेलीकॉप्टर में बैठकर बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उसके बाद पुलिस लाइन में अफसरों संग बैठकर राहत और बचाव कार्य को बैठक कर रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के साथ है। किसी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। फसलों का आकलन करा कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

जल शक्ति संसाधन मंत्री डॉ.महेन्द्र सिंह और राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ ग्रस्त इलाकों का जायजा लेने के लिए बृहस्पतिवार दोपहर पीलीभीत पहुंचे थे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित तहसील कलीनगर और पूरनपुर के गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। हेलीकॉप्टर में बैठकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करके वह पुलिस लाइन पहुंचे और बैठक कर समीक्षा की।

डीएम पुलकित खरे ने बताया कि तहसील कलीनगर के रमनगरा, बुझिया ताल्लुके महाराजपुर, बूंदीभूड, नौजल्हा, नकटाह और पूरनपुर तहसील के चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कालोनी नंबर छह, राणाप्रताप नगर, नहरोसा आदि गांवों में बैराज से पानी डिस्चार्ज करने के बाद जलभराव हो गया। जल भराव की स्थिति होने पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, एसएसबी टीम, मेडिकल टीमें, राजस्व विभाग टीम, पूर्ति विभाग की टीमें के द्वारा बचाव कार्य लगातार संचालित किया जा रहा है।

इस पर जल शक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन गांव के लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हें, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।भोजन, पेयजल समेत अन्य कोई दिक्कत न हो। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पशुओं के लिए भूसा और दवाएं मुहैया कराएं। इंसान हो या पशु कोई भी भूखा न रहे। जलभराव की स्थिति सामान्य होने पर फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाए। मेडिकल और निगरानी टीमों के माध्यम से लोगों को दवाईयों की किट बांटे।

कहा कि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसका सर्वे कराकर आकलन कराएं।शासन द्वारा फसल का मुआवजा दिया जाएगा। इस मौके पर प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन एके सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, विधायक बरखेड़ा किशनलाल राजपूत, विधायक पूरनपुर बाबूराम पासवान, पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी, मुख्य विकास अधिकारी प्रशान्त कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ.पवित्र मोहन त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट अरूण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

जिले के 49 गांव हुए बाढ़ से प्रभावित
प्रशासन की मानें तो पहाड़ों और मैदानी इलाके में हुई बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए थे।अप्रत्याशित बारिश होने से जिले भर की पांच तहसीलों के कुल 49 गांव प्रभावित हुए थे। इसमें पूरनपुर के 21, कलीनगर के 14 , अमरिया के 06, बीसलपुर के 05 और सदर तहसील के 03 गांव शामिल हैं।

30 हजार लोगों को उपलब्ध कराया भोजन
बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकालने और खानपान की दिक्कत दूर करने के लिए भी प्रशासन की ओर से इंतजाम किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों के 30 हजार लोगों को खानपान क इंतजाम कराया जा चुका है। कोई जनहानि नहीं हुई है। सभी का मेडिकल चेकअप कराकर जरूरत पड़ने पर निशुल्क दवा मुहैया कराई जा रही है।

आशियाना भी दोबारा बसाएगा प्रशासन
बारिश और जलभराव के बाद कई ग्रामीणों के घर भी ढह गए थे। आशियाना उजड़ने के बाद परेशान ग्रामीणों को भी शासन-प्रशासन राहत देगा। जलशक्ति मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने कहा कि जिन बाढ पीड़ितों के मकान ढह गए हैं। उनकी जल्द सूची तैयार कराकर भेजी जाए। पीड़ित व्यक्तियों को आवास काे मदद की जाएगी।उनके आशियाने सरकार दोबारा बसाएगी।

अलर्ट मोड में दिखा पुलिस-प्रशासन
जलशक्ति मंत्री के आगमन को लेकर बृहस्पतिवार को पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड में दिखा। पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई। वहीं, सड़कों पर भी चौराहों पर यातायात पुलिस मुस्तैद दिखी। बेतरतीब खड़े वाहनों को हटवाया गया। हालांकि मंत्री के जाने के बाद पहले ही तरह हालत बनने में देर न लगी।

जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से लें मदद
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रशासन को जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की मदद लेकर बेहतर इंतजाम करने का भी सुझाव दिया। मंत्री डॉ.महेंद्र सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों में जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के माध्यम से लोगों को प्रकाश व्यवस्था के लिए जनरेटर, टार्च, कपडे, भोजन, पेयजल आदि बेहतर व्यवस्था मुहैया कराए।

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