बरेली: पुतला दहन के विरोध पर बढ़ा विवाद

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Edited By Amrit Vichar
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फरीदपुर, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में तोड़फोड़ के मामले में शुक्रवार को फरीदपुर में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में पुतला दहन को लेकर जमकर विवाद हो गया। सछास कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पर एबीवीपी का पुतला दहन करने जा रहे थे। इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं से उनकी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते …

फरीदपुर, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में तोड़फोड़ के मामले में शुक्रवार को फरीदपुर में समाजवादी छात्र सभा और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में पुतला दहन को लेकर जमकर विवाद हो गया। सछास कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय पर एबीवीपी का पुतला दहन करने जा रहे थे। इसी दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं से उनकी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। इसके बाद एबीवीपी के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रोड पर ही धरने पर बैठ गए।

इस दौरान उन्होंने जमकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कोतवाली गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने एबीवीपी के पदाधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़ गए। काफी समझाने के बाद समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के खिलाफ तहरीर दी। इधर, समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष सुनील यादव, समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद तारिक लिटिल, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंच गए। सूचना पर भाजपा नेता भी थाने पहुंच गए। इस दौरान एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर हंगामा करने लगे।

नौबत हाथापाई तक आ गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग अलग किया। पुलिस ने कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। वहीं भाजपा कार्यकर्ता रचित शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने अविनाश मिश्रा, पूर्व विधायक विजय पाल सिंह, सलमान अली खां, जिला उपाध्यक्ष तारिक लिटिल, जय पाल यादव एडवोकेट, समीर वर्मा, केशव यादव, वीपी यादव, संजीव यादव, आकाश यादव, पवन यादव, दन्नू, हासिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

गलत रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप
सछास के फैजान अली, ह्देश यादव व अन्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि सछास के कार्यकर्ताओं की एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने लाठी-डंडों से पिटाई की है। इसकी वीडियो भी वायरल है। इसके बावजूद पुलिस ने सत्ता के पक्ष में आकर सछास कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जबकि बरेली कॉलेज मामले में प्राचार्य भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट के लिए तहरीर दे चुके हैं लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।

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