बरेली: नाले कवर्ड न होने से बढ़ती आबादी के बीच बढ़ा खतरा
बरेली, अमृत विचार। शहर में नगर निगम के करीब 225 छोटे-बड़े नाले हैं। इसमें 20 प्रमुख नाले बने हुए हैं। इन नालों के ज्यादातर हिस्से खुले हैं। नगर निगम इन्हें कवर्ड करने की कोई बड़ी योजना तैयार नहीं की। स्मार्ट सिटी परियोजना में इसे शामिल नहीं किया गया है। इस वजह से आए दिन हादसे …
बरेली, अमृत विचार। शहर में नगर निगम के करीब 225 छोटे-बड़े नाले हैं। इसमें 20 प्रमुख नाले बने हुए हैं। इन नालों के ज्यादातर हिस्से खुले हैं। नगर निगम इन्हें कवर्ड करने की कोई बड़ी योजना तैयार नहीं की। स्मार्ट सिटी परियोजना में इसे शामिल नहीं किया गया है। इस वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। एक दिन पहले बानखाना में खुले नाले में एक बुजुर्ग के गिरने की घटना की चर्चा के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सुभाषनगर में राजीव कॉलोनी से होकर निकलने वाला करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे नाले में बच्चों के गिरने और उसमें से कईयों की जान जाने तक की घटनाएं हो चुकी हैं।
सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी का बड़ा नाला लंबे समय से अधूरा है। पूर्व नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे बनवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज तक इसे बनाया नहीं गया। कई बार वाहन चालक इसमें गिरते हुए बाल-बाल बचे हैं। इसके अलावा घरों के बाहर खेलते बच्चों के भी इसमें गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन इस नाले को कवर्ड करने की योजना अब तक नहीं बनी है। इधर संजयनगर से होकर पीलीभीत बाईपास की ओर जाने वाली सड़क के किनारे भी कई फुट गहरा और बड़ा नाला खुला हुआ है। इसमें मोहल्लों में जाने के लिए छोटी-छोटी पुलिया बनी हुई है। इसके किनारे कोई बाउंड्री न बनी होने से हादसे का खतरा बना रहता है। बानखाना में बना बड़ा नाला खुला हुआ है।
सोमवार को बारिश के बाद नाले में तेज बहाव के चलते इसमें एक बुजुर्ग के गिरने की घटना होना बताई जा रही है। लोगों ने यह भी बताया था कि बुजुर्ग नाले में गिर गए थे। यह नाला भी कवर्ड नहीं है। नैनीताल रोड पर एक स्कूल के पास भी नाला भी कई जगहों पर खुला है। नाले के पास सुरक्षा दीवार नहीं बनाए जाने से यहां आए दिन लोग गिरते रहते हैं। लोगों का कहना है कि शहर में करीब 1800 करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजना में तमाम नाले बड़े नाले तो बनाए जा रहे हैं लेकिन पुराने नालों के करीब 20 से 30 फीसदी हिस्से जो खुले हैं, उन्हें कवर्ड करने की कोई योजना नहीं बनाई गई है। जबकि बढ़ती आबादी से ये नाले हादसे की घंटी बने हुए हैं।
सर्च अभियान के दूसरे अभियान में भी नतीजा सिफर
बानाखाना नाले में एक बुजुर्ग के गिरने की जानकारी के बाद शुक्रवार को दूसरे दिन भी नगर निगम की टीम उसे ढूंढने के अभियान में लगी रहती। नगर निगम की स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि दूसरे दिन भी सर्च अभियान के बावजूद बुजुर्ग का कोई पता नहीं चला है। इसलिए इस संबंध में कुछ कह पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
नालों के अधूरे कवर्ड और भी ज्यादा जानलेवा
बानखाना, नैनीताल रोड सहित कई जगहों पर नाले थोड़े बहुत कवर्ड कराए गए हैं। बताते हैं कि यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक हैं। अगर कोई नाले में गिर गया तो जो कवर्ड नाला हैं, उसमें उसके फंसने के बाद तलाश करना बहुत कठिन होगा। इसलिए नगर निगम को शहर के सभी बड़े नालों को कवर्ड करने की योजना बनानी चाहिए।
नालों को कवर्ड करने का काम निर्माण विभाग का है। सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना काफी उचित रहेगा। हालांकि इससे नाला सफाई में कुछ दिक्कत आ सकती है। -डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
