वरुण गांधी का सरकार से सवाल, इस व्यवस्था ने किसानों को कहां पर लाकर खड़ा कर दिया? कृषि नीति पर पुनर्चिंतन की जरूरत
पीलीभीत, अमृत विचार। दो दिवसीय बाढ़ग्रस्त इलाकों के भ्रमण से दिल्ली लौटने के बाद सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर लखीमपुर मंडी के अंदर किसान द्वारा धान के ढेर में आग लगाने का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया है। सांसद ने कहा कि किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की …
पीलीभीत, अमृत विचार। दो दिवसीय बाढ़ग्रस्त इलाकों के भ्रमण से दिल्ली लौटने के बाद सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर लखीमपुर मंडी के अंदर किसान द्वारा धान के ढेर में आग लगाने का वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया है। सांसद ने कहा कि किसान समोध सिंह पिछले 15 दिनों से अपनी धान की फसल को बेचने के लिए मंडियों में मारे-मारे फिर रहे थे। जब धान नहीं बिका तो निराश होकर स्वयं उसमें आग लगा दी। इस व्यवस्था ने किसानों को कहां पर लाकर खड़ा कर दिया।
भाजपा नेता और पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी बीते कुछ दिनों से किसानों से जुड़े मुद्दों पर लगातार सरकार को चिट्ठी लिखकर या फिर ट्वीट करके चर्चा में हैं। कई बार उनके ट्वीट से भाजपा के बड़े नेता और यहां तक कि सरकार के नुमाइंदे तक असहज हो चुके हैं। उनका ताजा ट्वीट लखीमपुर की मंडी में किसान द्वारा अपने धान के ढेर में आग लगाने का वीडियो शेयर करते हुए है। इसमें सांसद वरुण गांधी ने पूरे सिस्टम पर प्रहार करते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने किसानों को कहां पर लाकर खड़ा कर दिया।
सरकार को अपनी कृषि नीति पर पुनर्चिंतन की जरूरत है। वरुण गांधी हाल ही में बाढ़ ग्रस्त इलाकों के दौरे के समय पर भी अपनी सरकार पर निशाना साधने से नहीं चूके। दो दिन पहले वरुण गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि जब सब कुछ जिम्मेदारी व्यक्तिगत है तो सरकार के क्या मायने है। उससे पहले सांसद वरुण गांधी लखीमपुर कांड में भाजपा सरकार के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी समेत राज्य सरकार पर भी अपरोक्ष रूप से निशाना साध चुके हैं।
