सीतापुर: बाढ़ के पानी में डूबकर दो बच्चों सहित चार की मौत, मां-बेटी समेत तीन लापता
सीतापुर। बैराजों से शारदा, घाघरा नदियों में छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के सैलाब से शनिवार को जिले के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो बच्चों व एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पानी में बहीं मां-बेटी सहित तीन लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की खोजबीन जारी है। एनडीआरएफ …
सीतापुर। बैराजों से शारदा, घाघरा नदियों में छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के सैलाब से शनिवार को जिले के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो बच्चों व एक महिला सहित चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पानी में बहीं मां-बेटी सहित तीन लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों की खोजबीन जारी है। एनडीआरएफ की टीम भी लगी हुई है। सैलाब में डूबने के सबसे बड़ी घटना लहरपुर इलाके में हुई है। लहरपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उमरा में शनिवार को बालक राहुल पुत्र अशोक शनिवार की शाम शौच के लिए गया था। जहां वह गहरे पानी डूबने लगा।
उसको डूबता देखकर बचाने के लिए परिवार की ही पैंतालीस वर्षीय मैकिन पत्नी रामसागर, चालीस वर्षीय यशोदा पत्नी कामता और उसकी दो बेटियां बीस वर्षीय रेखा व अटठारह वर्षीय कल्पना भी पहुंचीं। इन लोगों ने राहुल को बचाने की कोशिश की तो यह चारों महिलाएं भी डूबने लगीं। शोरगुल सुनकर ग्रामीण दौड़े। बड़ी मुश्किल से गांव के लोग राहुल, मैंकिन व रेखा को पानी से निकलने में कामयाब रहे।
लेकिन कल्पना व उसकी मां यशोदा पानी के तेज बहाव में बह गईं। उनका पता नहीं चल सका। डूबने से बचाई गई मैकिन की मौत हो गई। इस बीच ग्रामीणो ने पुलिस को सूचना दी। खबर पाकर पुलिस व एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। पाने में बही मां-बेटी की तलाश की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक इनकी तलाश जारी थी। पुलिस ने मृतक मैकिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इसके अलावा तंबौर इलाके के इस्माइलगंज मजरा गोन्धिया गांव निवासी हाशिम राईन का दो वर्षीय बेटा सुहेल घर में तख्त पर शनिवार की दोपहर सो रहा था। तख्त के नीचे से बाढ़ का पानी बह रहा था। इसी बीच मासूम बच्चे ने करवट ली और पानी में गिरकर डूब गया। अपने कामों में व्यस्त परिवार के लोगों को जब तक पता चला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोगों ने बिना किसी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
इसी तरह तंबौर इलाके के रायमरोड़ गांव निवासी निवासी चालीस वर्षीय शिव सागर पुत्र सोहन लाल शनिवार की सुबह करीब 10 बजे घर से तम्बौर में दवा लेने के लिए निकला था। जब वह तंबौर से दवा लेकर वापस घर जा रहा था। तभी रॉयमरोड़ व तंबौर के बीच रास्ते में पुलिया के पास पानी की तेज धारा में वह बह गया। बताया जाता है कि शिव सागर सांस का मरीज होने से तम्बौर दवा लेने आया था। शिवसागर को डूबता देखकर ग्रामीणों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज धार होने से उसे बचा नहीं पाए। शिवसागर के डूबकर बह जाने की सूचना पुलिस व तहसील प्रशासन को दे दी गई है, लेकिन अभी तक उसे तलाशा नहीं जा सका।
तंबौर इलाके के ही बसंतापुर मजरा क्योटाना गांव निवासी तीस वर्षीय ओमकार लोधी पुत्र मनोहर लाल तंबौर सब्जी लेने आया था। सब्जी लेकर घर वापस जा रहा था। तभी गांव की मोड़ के पास तेज धार होने से वह फिसल गया। जिससे डूबकर उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने उसे भी बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। हालांकि कुछ देर बाद ओमकार का शव निकाल लिया गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही तहसील प्रशासन को भी घटना से अवगत करा दिया गया है।
बाढ़ में डूबने की एक घटना थानगांव इलाके में भी हुई। यहां जबरपुरवा गांव निवासी इरशाद का छह वर्षीय पुत्र अफजल गांव में ही खेल रहा था। इस बीच वह गायब हो गया। काफी देर बाद वह गांव में ही भरे पानी उतराता मिला। जानकारी होने के बाद उसे फौरन पानी से निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।

जान की परवाह किए बिना पुलिस चालक ने डूबते बालक की बचाई जान
तंबौर मार्ग पर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम लालपुर के निकट गोबरहिया पुल के पास बाढ़ के पानी में एक लड़के को डूबते हुए देखकर वहां से गुजर रहे कोतवाली प्रभारी की गाड़ी के ड्राइवर अशोक यादव ने आनन-फानन में पानी में छलांग लगाकर डूबते हुए बच्चे को सकुशल बाहर निकाल लिया। परिजन अपने बच्चे को सुरक्षित पाकर पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए अपने गांव चले गए। बताते हैं कि गोबरहिया पुल के निकट बाढ़ का पानी बुरी तरह लहरपुर तंबौर मार्ग को काट रहा है। जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लोग वहां मौजूद थे। इस बीच वहां एक बालक डूबने लगा। इसकी जानकारी जैसे ही कोतवाली प्रभारी की गाड़ी के चालक आरक्षी अशोक यादव को हुई, वह फौरन ही पानी में छलांग लगा दी और डूब रहे बालक को सुरक्षित बचा लिया।
बाइक समेत युवक नदी में गिरा, लोगों ने बचाई जान
सकरन थाना क्षेत्र में अपनी बहन के यहां करवा लिये जा रहा एक व्यक्ति बाइक समेत नदी में गिरा गया। गांव के गोताखोरों की मदद से बाइक समेत सकुशल नदी से बाहर निकाला गया। सकरन थाना क्षेत्र के दुदगड मजरा मडोर निवासी सत्रोहन शनिवार की दोपहर करीब बारह बजे बिसवां थाना क्षेत्र के कम्भरिया गांव निवासी अपनी बहन के यहां करवा देने जा रहा था। इसी बीच मनिकौडा गांव के पास किवानी नदी पर बने बांस के पुल से निकलते समय पैर फिसल जाने के कारण सत्रोहन बाइक समेत नदी में गिर गया। पडोस में खेतों पर मौजूद लोगों ने नदी में छलांग लगा कर डूब रहे सत्रोहन को बाहर निकाला। उसके बाद गांव के गोताखोरों ने नदी से बाइक को भी निकाल लिया। ग्रामीणों की मदद से सत्रोहन की जान बच गयी।
