नैनीताल: उत्तराखंड के 2612 गांवों में 499052 लोगों को मिला कानूनी ज्ञान
नैनीताल, अमृत विचार। जिला जज एवं सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आरके खुल्बे ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर 02 अक्टूबर से 14 नवंबर तक आजादी का अमृत महोत्सव व विधिक सेवा सप्ताह का उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवधि में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं …
नैनीताल, अमृत विचार। जिला जज एवं सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण आरके खुल्बे ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर 02 अक्टूबर से 14 नवंबर तक आजादी का अमृत महोत्सव व विधिक सेवा सप्ताह का उत्सव मनाया जा रहा है। इस अवधि में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से प्रत्येक दिन विभिन्न विधिक जागरूकता एवं विधिक साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके लिए प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद में न्यायिक अधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान व अन्य की टीमें गठित की गई हैं।

आरके खुल्बे ने बताया कि कुल 2612 गांवों में पराविधिक कार्यकर्ताओं ने डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें कुल 499052 व्यक्तियों को कानूनी ज्ञान एवं विधिक जागरूकता से अवगत कराया गया।
इसके अतिरिक्त इस अवधि में 771 विधिक शिविर आयोजित किए गए जिसमें कुल 79048 व्यक्तियों को लाभान्वित किया गया, साथ ही मोबाइल वेन के माध्यम से 102 गांवों में विधिक कार्यक्रम आयोजित किये गए, जिसमें 6645 व्यक्तियों को कानूनी जानकारी उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया गया तथा 131 विधिक सहायता क्लीनिक के माध्यम से 12330 व्यक्तियों को पैनल अधिवक्ता व पराविधिक कार्यकर्ता के द्वारा कानूनी सहायता प्रदान की गई। इस अवधि में महिलाओं के विधिक अधिकार एवं कर्तव्यों पर आधारित विधिक कार्यक्रम और डिजिटल कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों को कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस अवधि में उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति संजय मिश्रा की ओर से ऑनलाइन समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एनसीसी व एनएसएस, विधि के छात्रों की सहभागिता रही।
