युवाओं की भूमिका

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Edited By Amrit Vichar
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जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वहां विभिन्न धर्मों के 11 नागरिकों की हत्या हुई हैं और राजौरी-पुंछ सेक्टर में आतंकियों के लिए लंबे …

जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और इसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के बाद पहली बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वहां विभिन्न धर्मों के 11 नागरिकों की हत्या हुई हैं और राजौरी-पुंछ सेक्टर में आतंकियों के लिए लंबे समय से चल रही सैन्य कार्रवाइयों में अब तक नौ जवान जान गंवा चुके हैं।

इसी संदर्भ में गृह मंत्री जहां मारे गए लोगों के परिजनों से मिले, वहीं उन्होंने सुरक्षा मामले पर उच्चस्तरीय बैठक भी की। अपने दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए गृह मंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में अब तक 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। लक्ष्य 51 हजार करोड़ रुपये तक करने का है। युवाओं से राजनीतिक गतिविधियों में भी भागीदार बनने की ओर इशारा करते हुए अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन होगा, चुनाव भी होगा और राज्य का दर्जा भी वापस मिलेगा। सोमवार को सरपंचों की सभा में गृहमंत्री ने कहा कि कश्मीर में अमन चैन में खलल डालने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

कश्मीर के युवाओं के साथ दोस्ती करना चाहता हूं। कश्मीर में अनेक युवाओं को भ्रमित किया गया और उन्हें ऐसे गलत रास्ते पर डाल दिया गया जो सिर्फ मौत की तरफ ही ले जाता है। इस तरह के भटकाव में न आने की अपील करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सभी युवाओं से अपील की है कि वे कश्मीर को आगे ले जाने की यात्रा में भागीदार बनें। सही है कि विकास के पहिए को रफ्तार देने में युवा शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसा नहीं है कि जम्मू-कश्मीर का हर युवा दिग्भ्रमित है।

घाटी से अनेक युवाओं ने खेलों में नाम रोशन किया है और प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल आकर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इन सबके मिले-जुले प्रयास से जम्मू-कश्मीर के विकास को रफ्तार मिली है। यही रफ्तार अमन के दुश्मनों को खटकने लगती है और वे अपने ‘नापाक’ मंसूबों के साथ युवाओं को बरगलाने के अभियान में लग जाते हैं। युवाओं को समझना होगा कि अपराध का रास्ता बहुत छोटा होता है। उस रास्ते पर चलकर न तो सुकून मिलता है और न ही चैन। इसलिए जरूरत है घाटी के युवाओं को बात समझने की और राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़कर सही राह पकड़ने की।