रामपुर : मंत्री ने भी नहीं सुनी फरियाद तो परिवार संग इच्छा मृत्यु की मांगी इजाजत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रामपुर, अमृत विचार। जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के घर पर धरना देने के बाद भी पीड़ित को जब इंसाफ नहीं मिला, तो उसने जिलाधिकारी को पत्र देकर इच्छा मृत्यु के लिए अनुमति देने की गुहार लगाई है। परमीशन नहीं मिलने पर पीड़ित ने एक नवंबर को लखनऊ विधान भवन के सामने परिवार समेत आत्मदाह …

रामपुर, अमृत विचार। जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के घर पर धरना देने के बाद भी पीड़ित को जब इंसाफ नहीं मिला, तो उसने जिलाधिकारी को पत्र देकर इच्छा मृत्यु के लिए अनुमति देने की गुहार लगाई है। परमीशन नहीं मिलने पर पीड़ित ने एक नवंबर को लखनऊ विधान भवन के सामने परिवार समेत आत्मदाह करने की धमकी दी है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बाबा दीप सिंह नगर निवासी गुरमेल सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर कहा है कि उसके दूर के रिश्तेदार सतविदंर सिंह व उसके पुत्र सुखदेव सिंह ने पीड़ित के बेटे को इग्लैंड भेजने के नाम पर 15 लाख रुपये हड़प लिए थे, जोकि वीजा न मिलने पर उसको 15 लाख का चेक वापस दिया, जो बाद में वाउंस हो गया था। पैसा मांगने पर आरोपियों ने 25 सितंबर 2018 को साढ़े सात लाख रुपये का वाहन अपने दामाद से दिलवाया था।

उसी वाहन को लूट लेने का एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक से शिकायत की थी। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इस मुकदमें में कुछ नहीं हो सका। कुछ दिनों पहले पीड़ित ने राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के घर पर भी धरना दिया था। कार्रवाई का आश्वासन मिल गया था। लेकिन 25 दिन के बाद भी इस मामले में जब कुछ नहीं हुआ, तो मंगलवार को उसने जिलाधिकारी को पत्र देकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।नहीं दिए जाने के बाद पीड़ित ने कहा है कि 1 नवंबर को वह अपने परिवार साथ लखनऊ में विधान भवन के सामने आत्मदाह करेगा।

राज्यमंत्री की भी नहीं सुन रहे पुलिसकर्मी
पीड़ित ने इंसाफ के लिए राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख के घर पर भी जाकर धरना दिया था। भतीजे और बेटे ने आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया था। बाद में मंत्री ने खुद मामले में एसपी से न्यायोचित कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन धरने के अगले दिन पीड़ित की जांच करने वाले पुलिस कर्मी वहां पर पहुंच गए थे। लेकिन 25 दिन के बाद भी इंसाफ नहीं मिलने पर पीड़ित ने अब आत्मदाह की तैयारी कर रहा है।

पीड़ित फर्जी मामले में जेल भी जा चुका
गुरमेल सिंह का कहना है कि जो जुर्म उसने नहीं किया है उसके बाद भी उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने के बाद उसको जेल भी भेजा जा चुका है। इस मामले की विवचेना तत्कालीन सीओ सिटी द्वारा की गई थी। आरोप लगाया है कि जांच के दौरान इसमें आरोपियों से साठ गांठ की जा चुकी है।

संबंधित समाचार