जॉन कॉर्निन ने कहा- भारत ने रूस पर सैन्य निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए

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वाशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा कि भारत ने रूस पर सैन्य निर्भरता को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्निन ने एक दिन पहले ही राष्ट्रपति जो बाइडन से सतह से हवा में मार करने वाली रूसी …

वाशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कॉर्निन ने कहा कि भारत ने रूस पर सैन्य निर्भरता को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्निन ने एक दिन पहले ही राष्ट्रपति जो बाइडन से सतह से हवा में मार करने वाली रूसी एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए भारत के खिलाफ ‘काउंटरिंग अमेरिकाज़ एडवर्सरीज़ थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के प्रावधानों को लागू नहीं करने का आग्रह किया था।

इसके अगले दिन कॉर्निन ने यह बयान दिया। कॉर्निन ने बुधवार को कहा कि हमें पता है कि भारत एक जिम्मेदार देश है। अमेरिका के संदर्भ में दोनों देशों के बीच कई समानताएं है। उनके बीच न केवल आर्थिक लाभ हैं, लेकिन सैन्य तथा सुरक्षा सहयोग भी हैं। अमेरिका के 2016 में भारत को एक प्रमुख रक्षा भागीदार के रूप में नामित करने के बाद से, हमने अपनी रक्षा साझेदारी को बढ़ाने के लिए गंभीर कदम उठाए हैं।

प्रभावशाली सीनेट इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष कॉर्निन ने ‘यूएस इंडिया फ्रेंडशिप काउंसिल’ द्वारा ‘यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल’ के सहयोग से ‘आज के भू-राजनीतिक परिदृश्य में अमेरिका-भारत की दोस्ती’ के विषय पर आयोजित एक पैनल चर्चा में यह बयान दिया। गौरतलब है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मार्क वार्नर और रिपब्लिकन पार्टी के जॉन कॉर्निन ने मंगलवार को राष्ट्रपति बाइडन को लिखे एक पत्र में भारत को सीएएटीएसए के तहत राष्ट्रीय हित में छूट देने का आग्रह किया था।

सीनेटरों ने कहा था कि यह अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हित में है। सीनेटरों ने पत्र में लिखा कि हम आपसे सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 ट्रिअम्फ मिसाइल प्रणाली की योजनाबद्ध खरीद के मामले में भारत को सीएएटीएसए में छूट देने की अपील करते हैं। यह कानून राष्ट्रपति को ऐसे मामलों में प्रतिबंधों को लागू करने में अतिरिक्त विवेक का इस्तेमाल करने का अधिकार देता है, जिनमें छूट देने से अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को बढ़ावा मिलता हो।

सीएएटीएसए एक सख्त अमेरिकी कानून है जो प्रशासन को उन देशों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकृत करता है जो 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित हस्तक्षेप के बाद भी रूस से प्रमुख रक्षा हार्डवेयर खरीदते हैं।

भारत ने अक्टूबर 2018 में तत्कालीन ट्रंप प्रशासन की चेतावनी को दरकिनार कर रूस से वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली एस-400 की पांच यूनिट खरीदने के लिये पांच अरब डॉलर के करार पर हस्ताक्षर किये थे। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर सीएएटीएसए के तहत पाबंदी लगाने की चेतावनी दी थी।

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