भारत और आसियान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में कोविड-19 वैक्सीन रणनीति और चीन सहित कई चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की एकता और केन्द्रीयता भारत के लिए हमेशा से प्राथमिकता रही है। आसियान दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का …

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में कोविड-19 वैक्सीन रणनीति और चीन सहित कई चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) की एकता और केन्द्रीयता भारत के लिए हमेशा से प्राथमिकता रही है।

आसियान दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का समूह है, जो आपस में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए भी कार्य करते हैं। भारत आसियान देशों से सहयोग करने और संपर्क रखने का सदा ही इच्छुक रहा है। आसियान भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। भारत और आसियान के बीच सामरिक सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

आसियान के कई देश इस समय चीन के साथ साउथ चाइना सी में समुद्री सीमा के विवाद में उलझे हुए हैं। वहीं, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन और भारत के बीच ज़बरदस्त तनातनी है। ऐसे में भारत और आसियान देशों के बीच सामरिक सहयोग को बढ़ाना और भी जरूरी हो गया है। क्योंकि, इससे भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

सिंगापुर, थाईलैंड और म्यांमार ने कई बार इस बात की इच्छा जताई है कि वो भारत जैसे बड़े बाज़ार के प्रति अलग तरह का लगाव रखते हैं। क्योंकि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था मज़बूत है और इससे उन्हें भारत के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने और प्लान ऑफ एक्शन की परिकल्पना के अनुरुप, आपसी सामाजिक सांस्कृतिक संवाद बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मलेशिया और कंबोडिया आम तौर पर चीन की ओर अधिक झुकाव रखते हैं लेकिन, चीन की दादागीरी वाली नीतियों और नीयत को देखते हुए ये दोनों देश भी मानते हैं कि चीन का मुक़ाबला करने में भारत की शक्ति काफी काम आ सकती है। इसके अलावा भारत से सहयोग बढ़ाकर इन देशों को अपना व्यापार और वाणिज्य विकसित करने के लिए भारत के विशाल बाज़ार तक पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आसियान के आगामी अध्यक्ष कंबोडिया और कंट्री को-ऑर्डिनेटर सिंगापुर के साथ मिलकर आपसी संबंधों को और गहन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी द्वारा जताई गई प्रतिबद्धता, आसियान देशों के साथ भारत की बढ़ती सामरिक साझेदारी और बहुआयामी सहयोग के विजन से मेल खाती है।