अमेठी: स्पेशल जज की अदालत ने भी दुष्कर्म के आरोपी की जमानत अर्जी की खारिज, जानें पूरा मामला…

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अमेठी। किशोरी से गैंगरेप और रेप के अलग-अलग मामलों में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालतों के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा व राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है,जिससे आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। वहीं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष राय की अदालत ने सड़क …

अमेठी। किशोरी से गैंगरेप और रेप के अलग-अलग मामलों में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालतों के न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा व राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने आरोपियों की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है,जिससे आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। वहीं जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष राय की अदालत ने सड़क के जमीन की पैमाइश करने गए लेखपाल पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी को राहत देते हुए उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

पहला मामला मुंशीगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इसी थाना क्षेत्र के रहने वाले अभियोगी ने बीते 20 अगस्त की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक वह लखनऊ में गार्ड की नौकरी करता है,उसके घर पर मात्र उसकी बूढ़ी मां और उसकी 16 साल की बेटी ही रहते हैं, जिसका नाजायज फायदा उठाकर शिवबख्श दुबे का पुरवा निवासी आरोपी हीरालाल उसके घर आया और अकेला पाकर उसकी नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान के आधार पर तफ्तीश के दौरान आरोपी हरिराम का भी नाम सामने आया। पीड़िता को मानसिक रूप से कुछ कमजोर भी बताया जा रहा है। दोनों आरोपियों के खिलाफ पीड़िता की नासमझी का फायदा उठाकर गैंगरेप करने का आरोप है। इस मामले में प्रकाश में आये आरोपी हरीराम की तरफ से स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत में प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई चली। इस दौरान बचाव पक्ष ने रंजिशन फंसाए जाने का तर्क रखते हुए आरोपों को फर्जी एवं मनगढ़ंत बताया,वहीं अभियोजन पक्ष ने आरोपी की घटना में अहम भूमिका बताते हुए जमानत पर विरोध जाहिर किया।

उभय पक्षों को सुनने के पश्चात स्पेशल जज पवन कुमार शर्मा ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

दूसरा मामला रामगंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। इसी थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपी शिव भोले के खिलाफ रामगंज बाजार गई 15 साल की किशोरी को घर छोड़ने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठा कर भगा ले जाने और करीब 15 दिनों तक पीड़िता का शारीरिक शोषण करने का आरोप भी लगा है। घटना के करीब 15 दिन बाद बीते 25 अगस्त को बाजार में फिर छोड़कर चले जाने का आरोप लगा है। इस मामले में आरोपी शिव भोले की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट/एडीजे सप्तम की अदालत में सुनवाई चली। इस दौरान बचाव पक्ष ने आरोपो को निराधार बताया,वहीं शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार द्विवेदी ने जमानत पर विरोध जाहिर किया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश राजेश नारायण मणि त्रिपाठी की अदालत ने आरोपी शिव भोले की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

तीसरा मामला करौदीकला थाना क्षेत्र के गुदरा गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले आरोपी दूधनाथ सिंह एवं चंदन सिंह समेत अन्य के खिलाफ समाधान दिवस पर सड़क पर हुए अतिक्रमण के संबंध में हुई शिकायत के क्रम में पैमाइश करने गए लेखपाल से बदसलूकी एवं जानलेवा हमला करने का आरोप है। इस मामले में आरोपी दूधनाथ सिंह पर ललकारने का आरोप बताया गया है। मामले में दूधनाथ सिंह की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता रणजीत सिंह त्रिसुंडी ने आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत पर रिहा करने की मांग की। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत पर विरोध जाहिर किया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष राय ने जमानत के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए उसकी अर्जी मंजूर कर ली है।

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