हल्द्वानी: मौत के बाद भी हंसा के खाते से लेनदेन, पुलिस की बड़ी चूक आई सामने
हल्द्वानी, अमृत विचार। अरबपति किसान हंसा दत्त जोशी की मौत के मामले में पुलिस से तेज पड़ताल हंसा की बेटियां कर रही हैं। इस मामले में एक माह में पुलिस यह तक पता नहीं लगा पाई कि हंसा का एक बैंक खाता था। इससे भी बड़ी बात यह कि मौत के बाद भी हंसा के इस …
हल्द्वानी, अमृत विचार। अरबपति किसान हंसा दत्त जोशी की मौत के मामले में पुलिस से तेज पड़ताल हंसा की बेटियां कर रही हैं। इस मामले में एक माह में पुलिस यह तक पता नहीं लगा पाई कि हंसा का एक बैंक खाता था। इससे भी बड़ी बात यह कि मौत के बाद भी हंसा के इस बैंक खाते से लेन-देन किया जा रहा था।
चीनपुर निवासी हंसा दत्त जोशी विगत 29 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितयों में अपने घर के बाथरूम में अचेत अवस्था में मिले थे। उस समय मौके पर सबसे पहले हंसा के करीबी शिवा और अक्षय पहुंचे थे और यही दोनों हंसा को बेस अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां चिकित्सकों ने हंसा को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में हंसा की बेटी सौम्या ने शिवा और अक्षय पर हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस चर्चित प्रकरण को एक माह बीत चुका है और पुलिस की तफ्तीश जारी है। तफ्तीश में अब तक सामने आया था कि हंसा के 8 बैंक खाते थे। कुछ खातों में हंसा ने अपनी बेटी सौम्या और प्राची को नॉमिनी बनाया था, लेकिन अब जो बैंक खाता सामने आया है उसमे हंसा ने दोनों बेटियों में से एक को भी नॉमिनी नहीं बनाया था।
इस मामले में हंसा की बेटी प्राची ने गुरुवार को बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें गांव के ही एक व्यक्ति ने नए बैंक खाते के बारे में बताया था। ये सुन कर वह और उनकी बहन सौम्या चौंक गई थी। जिसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि नया बैंक खाता एक साल पहले खोला गया था, लेकिन इस खाते के बारे में पुलिस को भी पता नहीं था।
40 हजार रुपए का हुआ लेन-देन
प्राची और सौम्या के अनुसार हमने अपने स्तर से पड़ताल की यह तथ्य सामने आया कि उनके पिता की मौत के बाद भी इस खाते से लेन-देन किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हंसा की मौत 27 या 28 सितंबर को ही हो चुकी थी। ऐसे में हंसा का बैंक खाते से पैसा निकालना असंभव है। बावजूद इसके हंसा के बैंक खाते से 28 सितंबर को चार बार ट्रांजेक्शन किया गया और हर बार 10 हजार का ट्रांजेक्शन हुआ। यानि कुल 40 हजार रुपए निकाले गए।
हंसा को नहीं आता था ऑन लाइन ट्रांजेक्शन
हल्द्वानी। हंसा की बेटी प्राची की मानें तो उनके पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे और ऑनलाइन बैंकिंग की उन्हें जरा भी जानकारी नहीं थी। जबकि एक साल पहले आईसीआईसीआई की लोहरियासाल शाखा में खुले खाते से बैंक जाकर रकम नहीं निकाली गई। बल्कि 28 सितंबर को जिन चार ट्रांजेक्शन की बात की जा रही है, ये सारे ट्रांजेक्शन आईएमपीएस के जरिये किए गए। जो हंसा के बस की बात भी नहीं।
किसी गौरव के खाते में ट्रांसफर की गई रकम
हल्द्वानी। जब प्राची को इस नए खाते के बारे में पता लगा तो वह बैंक पहुंचीं। पहले तो बैंक अधिकारियों ने हंसा के बैंक खाते की डिटेल देने से इंकार कर दिया, लेकिन जब इस उन्होंने यह साबित किया कि वो हंसा की बेटी है तो बैंक अधिकारी कुछ जानकारी देने पर सहमत हो गए। पता लगा कि हंसा के बैंक खाते से जितने भी ट्रांजेक्शन किए गए वो किसी गौरव के नाम पर हैं। पुलिस अब पता कर रही है कि ये गौरव कौन है।
इस मामले में जानकारी जुटाई जा रही है। आईओ से भी बात की जाएगी। अगर नेट बैंकिंग के जरिए रकम निकाली गई है तो मामला गंभीर है। पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी।
