बरेली: चाइनीज मोबाइल से आवाज बदलकर कभी ‘संघमित्रा’ बना तो कभी ‘रेखा वर्मा’, एसएसपी को फोन किया तो शक होने पर पकड़ा गया
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली पुलिस ने कभी महिल मंत्री तो कभी सांसद, विधायक बनकर अधिकारियों को फोन कर धमकाने वाले नीरेश वर्मा नाम के एक आरोपी पकड़ा है। आरोपी आवाज बदलकर कभी महिला मंत्री बनता तो कभी पुरूष। आवाज बदलने के लिए नीरेश एक चाइनीज मोबाइल का इस्तेमाल करता था। इस मामले …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश के बरेली पुलिस ने कभी महिल मंत्री तो कभी सांसद, विधायक बनकर अधिकारियों को फोन कर धमकाने वाले नीरेश वर्मा नाम के एक आरोपी पकड़ा है। आरोपी आवाज बदलकर कभी महिला मंत्री बनता तो कभी पुरूष। आवाज बदलने के लिए नीरेश एक चाइनीज मोबाइल का इस्तेमाल करता था। इस मामले में पुलिस को तब शक हुआ जब उसने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को ही कई बार फोन कर चौकी इंचार्ज ब्रिजेश कुमार को हटाने की पैरवी की। मामले की छानबीन में आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हैरत की बात यह है कि आरोपी नीरेश पीएचडी होल्डर है।
कछला के राधेश्याम इंटर कॉलेज में है क्लर्क
दरअसल, आरोपी नीरेश वर्मा मूल रूप से बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के अंबियापुर गांव का रहने वाला है। एमए बीएड पीएचडी करने के बाद इन दिनों वह कछला के राधेश्याम इंटर कॉलेज में क्लर्क का काम कर रहा था। पुलिस ने इसे बरेली में पीलीभीत रोड के बजरंग ढाबा से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका राजनीति में ज्यादा इंटरेस्ट था। जिसकी वजह से वह वह अधिकारियों और कर्मचारियों को मंत्री सांसद, विधायक बनकर फोन करता और दबाव बनाकर काम करा लेता। इसके बाद काम कराने वाली पार्टी से पैसे ले लेता।
इज्जतनगर के लौटन सिंह का काम कराने के लिए संघमित्रा बनकर किया फोन
आरोपी ने बताय कि उसने बरेली इज्जतनगर के लोटन सिंह के विवादित जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाने के लिए इज्जतनगर पुलिस और चौकी इंचार्ज को बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्या बनकर फोन किया था। इसके बदले में उसने करीब 20 लाख रुपये भी लिए। उन्होंने चौकी इंचार्ज का ट्रांसफर कराने की भी धमकी दी थी। जब काम नहीं हो पाया तो नीरेश ने 10 लाख रुपये वापस कर दिए थे। साथ ही एसएसपी को ब्रिजेश कुमार को हटवाने के लिए करीब तीन बार फोन किया। इसके बाद ही पूरा मामला बिगड़ गया।
कैसे आया यह आइडिया
आरोपी नीरेश ने बताया कि वह मंत्री और सांसदो के साथ उठता बैठता रहता है। उनके बात करने और धमकाने के तरीके को देखता तो सोचता कि जब यह ऐसा कर सकते है तो वो क्यों नहीं कर सकता। जिसके बाद उसने खुद मंत्री बन लोगों को धमकाने का फैसला कर लिया। आवाज बदलने के लिए उसने ऑनलाइन एक आवाज बदलने वाला एक चाइनीज फोन खरीदा। जिसमें वह महिला, बच्चे, बुजुर्ग और पुरूष किसी की भी आवाज में बात कर सकता था।
बात करने का तरीका क्या था
आरोपी दूसरे पक्ष को पहले फोन करता और सादा आवाज में खुद को मंत्री का पीएस बताता। कहता कि मंत्री जी बात करना चाह रहे है। जिसके बाद वह मोबाइल में तुरंत आवाज बदलता और महिला या पुरूष की आवाज में दूसरे पक्ष से बात करता था। जिससे सामने वाले को महसूस होता कि वह वाकई मंत्री या सांसद ही है।
एसएसपी को किया था लखीमपुर की सांसद बनकर फोन
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि आरोपी ने उन्हें लखीमपुर सांसद रेखा वर्मा बनकर फोन किया और इज्जतनगर चौकी इंचार्ज ब्रिजेश को हटाने के लिए पैरवी की। एक से अधिक वार फोन आया तो उन्हें कुछ शक हुआ जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच कराई। तब आरोपी पकड़ में आया।
कौन-कौन से मंत्री सांसद बनकर करता था फोन
आरोपी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और धौरहरा सांसद रेखा वर्मा, बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्य, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री मुकुट बिहारी, आदि के नाम से लोगों को फोन करता था।
लग्जरी कार पर लिखवाकर चलता था उत्तर प्रदेश प्रशासन
पुलिस को आरोपी के पास से एक लग्जरी कार भी बरामद हुई है। जिसकी नंबर प्लेट पर वह उत्तर प्रदेश प्रशासन और ऊपर कांच पर पुलिस लिखवाकर चलता था। पुलिस ने आरोपी की कार भी जब्त कर ली है। साथ ही आरोपी पर इज्जतनगर थाने में धोखाधड़ी जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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