बरेली: दरगाह आला हज़रत से उठी मांग, मुसलमानों और मस्जिदों की हो हिफाज़त
बरेली, अमृत विचार। त्रिपुरा दंगों की शनिवार को मरकज़-ए-अहले सुन्नत दरगाह आला हज़रत शरीफ के उलेमा-ए-किराम ने कड़ी निंदा की। उलेमा-ए-किराम ने कहा कि त्रिपुरा में इबादतगाहों पर हमला किया गया, मुसलमानों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वहीं, बांगलादेश में दुर्गा पूजा पंडालों में भी तोड़फोड़ के खिलाफ त्रिपुरा में हिंदू संगठनों की …
बरेली, अमृत विचार। त्रिपुरा दंगों की शनिवार को मरकज़-ए-अहले सुन्नत दरगाह आला हज़रत शरीफ के उलेमा-ए-किराम ने कड़ी निंदा की। उलेमा-ए-किराम ने कहा कि त्रिपुरा में इबादतगाहों पर हमला किया गया, मुसलमानों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वहीं, बांगलादेश में दुर्गा पूजा पंडालों में भी तोड़फोड़ के खिलाफ त्रिपुरा में हिंदू संगठनों की कई रैलियों के बीच मस्जिदों और अल्पसंख्यक बस्तियों पर हमला किया। जिसको लेकर कड़ी निंदा की गई है।
दरअसल, शनिवार को जमात रजा-ए-मुस्तफा के कार्यालय पर जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां की उपस्थिति में उलेमा-ए-किराम की एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें उलेमा-ए-किराम ने त्रिपुरा हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के मुसलमानों पर अत्याचार और शोषण हो रहा है, सरकार मौन व्रत रखी हुई है।
जिस पर जमात रज़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने कहा कि इस वक्त देश में भय का माहौल है। त्रिपुरा में हालात बेकाबू हैं। मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं। दुकानों और घरों को आग के हवाले किया जा रहा है। कुरान शरीफ की तौहीन की जा रही है। मुसलमानों को बेरहमी से पीटा जा रहा है और उनकी हत्या की जा रही है।
दंगाईयों के खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई
बैठक में आरोप लगे कि इस मामले को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए है। दंगाइयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बैठक में मौजूद लोगों ने मांग रखी कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार तत्काल त्रिपुरा मामले पर कार्रवाई करें।
इस मौके पर मौलाना जाहिद रज़ा, मौलाना शम्स रज़ा, हाफिज इकराम रज़ा खां, मौलाना निज़ाम, मौलाना अजीमुद्दीन अज़हरी, मौलाना सैफ अली कादरी, मौलाना आबिद, समरान खान, डॉ. मेंहदी हसन, शमीम अहमद, मोईन खान, अब्दुल्लाह रज़ा खान आदि मौजूद रहे।
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