बाराबंकी: गलत परमिट दिखाकर काटे जा रहे हैं हरे पेड़, जानें क्या कहते हैं जिम्मेदार?
बाराबंकी। दरियाबाद क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों पर जमकर आरा चलाया जा रहा है कभी परमिट के सहारे तो कभी लकड़कट्टे चोरी छुपे पेड़ों को काट रहे हैं। जिम्मेदार परमिट होना बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। दरियाबाद क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन की अनदेखी की जा रही है। धड़ल्ले से हरे पेड़ों के बाग उजाड़े …
बाराबंकी। दरियाबाद क्षेत्र में हरे भरे पेड़ों पर जमकर आरा चलाया जा रहा है कभी परमिट के सहारे तो कभी लकड़कट्टे चोरी छुपे पेड़ों को काट रहे हैं। जिम्मेदार परमिट होना बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। दरियाबाद क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन की अनदेखी की जा रही है। धड़ल्ले से हरे पेड़ों के बाग उजाड़े जा रहे हैं। इसमें रक्षक ही भक्षक की भूमिका निभाते है। तो कभी लकड़कट्टे चोरी छीपे पेड़ो को काटने से परहेज नहीं करते हैं। वही वन विभाग ऐसे पेड़ों को भी काटने की अनुमति प्रदान कर रहा हैं जो हरा होने के साथ फल देने की स्थित में भी होता है।
शनिवार को दरियाबाद क्षेत्र के रामपुर राय साहब मजरे सुर्यवलीपुर में लकड़कट्टे ने पांच आम व दो शीशम के प्रतिबंधित पेड़ों को काट डाला। विभागीय मिली भगत से वन माफियाओं ने नाम मात्र की परमिट के सहारे पेड़ों को काट कर पर्यावरण का ही नही बल्कि सरकारी राजस्व का भी नुकसान किया जा रहा है। हरे व भरे पेड़ो को परमिट के सहारे काटा जा रहा है। पेड़ों को सूखा और पर्यावरण के लिये निष्प्रयोज्य दिखाकर पेड़ मालिक के नाम से परमिट जारी करा लिया जाता है। उसके पश्चात वन माफिया उसी परमिट के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों को काटते हैं।
इतना ही नहीं परमिट के नाम पर जहां पेड़ कटता है। उस स्थान पर नये पौधे लगाना नितांत आवश्यक होता है। लेकिन वन माफिया एक पेड़ का परमिट जारी कराने के बाद दर्जनों पेड़ उसकी आड़ में काटते हैं और उस स्थान पर नया पौधा भी नहीं लगाते हैं। बगैर परमिट के पेड़ों को काटने की बात आम हो गयी है और जब कभी पेड़ के कटने की बात प्रकाश में आती है तो वन विभाग मौके पर पहुंचकर जुर्माना की धनराशि वसूलकर अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाता है।
वन दरोगा की तरफ से गलत रिपोर्ट लगाकर परमिट बनाने का खेल बाराबंकी जिले में भरपूर खेला जा रहा है। लेकिन अब यह सोचनीय विषय है की क्या परमिट हरे व स्वास्थ्य पेड़ों के बनाये जाते है। जबकि नियम सूखे जर्जर पेड़ो की परमिट जारी करने का है लेकिन जिले में परमिट जारी कर हरे पेड़ो को कटवाने का सिलसिला जोरो पर हैं। जब इस विषय पर रामनगर रेंजर सुबोध शुक्ला से सम्पर्क साधा गया तो सम्पर्क न हो सका ।
