बरेली: मृत्यु प्रमाणपत्र पर निकले फर्जी साइन, दर्ज होगी एफआईआर

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बरेली, अमृत विचार। बुजुर्ग के एक रिश्तेदार ने ही जमीन को अपने नाम कराने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया था। इसमें बरेली के नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साइन फर्जी होने की पुष्टि भी हो गई है। अब इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी हो रही …

बरेली, अमृत विचार। बुजुर्ग के एक रिश्तेदार ने ही जमीन को अपने नाम कराने के लिए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया था। इसमें बरेली के नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साइन फर्जी होने की पुष्टि भी हो गई है। अब इस मामले में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी हो रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह प्रमाणपत्र बरेली से नहीं, बल्कि गोंडा में रहने वाले रिश्तेदार ने फर्जीवाड़ा करके बनवाया है।

ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का खेल लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ। ऑनलाइन प्रमाण पत्र बनाने वालों ने जिंदा इंसान को कागजों पर मृत बता दिया है। रामपुर गार्डन निवासी बुजुर्ग दिनेश गिरी का ताजा मामला सामने आ चुका है। बुजुर्ग जब अपने मृत प्रमाण पत्र के साथ नगर निगम पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। बुजुर्ग ने कहा कि किसी ने मेरा मृतक प्रमाण पत्र बना दिया है। यह प्रमाण पत्र कहां से बना इसकी जांच होनी चाहिए। बुजुर्ग ने नगर आयुक्त को अप्लीकेशन के साथ करंट बैंक खाते का ब्योरा, आधार कार्ड, पैन कार्ड के दस्तावेज भी दिए हैं। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के निर्देश पर जांच कर रहे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार को इस मामले से जुड़े कई गंभीर मामले मिले हैं।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने यह पुष्टि कर दी है कि इस प्रमाणपत्र पर उनके जो साइन दर्शाए गए हैं, वे फर्जी हैं। ऐसे में बुजुर्ग के फर्जी प्रमाणपत्र का दावा सही साबित हुआ है। यह प्रमाणपत्र गोंडा जिले में पीड़ित के एक रिश्तेदार ने जमीन हड़पने के लिए बनवा था। इस आधार पर उसने जमीन भी अपने नाम दर्ज कर ली है। इसकी भी पुष्टि हो जाने के बाद अब नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से इस प्रमाणपत्र में उनके जाली साइन कराने के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। इस मामले की रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपने की तैयारी चल रही है।

इस प्रकरण में मेरे फर्जी हस्ताक्षर करके प्रमाणपत्र बनवाया गया था। यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। -डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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