हल्द्वानी: नलों में आ रहा मटमैला पानी, पीने से कतरा रहे लोग
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फिल्टर प्लांट पानी को साफ नहीं कर पा रहा है। इस वजह से नलों में मटमैला पानी आ रहा है। मटमैले पानी को पेयजल के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। गौला नदी से मिलने वाले पानी को …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौला नदी में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। फिल्टर प्लांट पानी को साफ नहीं कर पा रहा है। इस वजह से नलों में मटमैला पानी आ रहा है। मटमैले पानी को पेयजल के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
गौला नदी से मिलने वाले पानी को फिल्टर करने के लिए शीशमहल में चार फिल्टर प्लांट बने हैं। इन प्लांटों से रोजाना 30 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा शीतलाहाट स्थित प्लांट से चार एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है।
जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि विगत दिनों हुई भारी बारिश के बाद से गौला में भारी सिल्ट आने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। पानी साफ करने में प्लांटों को काफी समय लग रहा है। सर्दियों व गर्मियों में दिनभर में जहां दो बार प्लांटों की सफाई की जाती है। वहीं, आजकल चार बार कम से कम सफाई करनी पड़ रही है। हर बार सफाई में 20 से 30 मिनट का समय लगता है। सिल्ट से 20 फीसद तक पानी की फिल्टरेशन क्षमता भी कम हो गई है।
इधर, पिछले 12 दिनों से शहर के लोग पेयजल की आपूर्ति की लड़खड़ाई व्यवस्था से परेशान हैं। गौला में सिल्ट की मात्रा कम होने का नाम नहीं ले रही है। जल संस्थान का फिल्टर प्लांट भी फेल साबित हो गया है। सोमवार को जब लोगों के घरों में पानी आया तो ऐसा लगा कि गौला से सीधे ही पानी की सप्लाई कर दी गई है। इस वजह से लोगों ने पानी ही नहीं भरा। इधर जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक गौला में सिल्ट की मात्रा कम नहीं होती तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
