अयोध्या: घाटे में राइस मिलर्स, जिलाधिकारी को सौंपा दस सूत्रीय ज्ञापन

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अयोध्या। अपनी प्रमुख समस्याओं को लेकर जनपद के समस्त राइस मिलर्स ने मंगलवार को अपने मिलों की चाभी सौंपते हुए जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। राइस मिलर्स का मानना है कि उत्तर प्रदेश चावल उद्योग कृषि पर आधारित सबसे बड़ा उद्योग है, लेकिन वर्तमान समय में यह जबरदस्त घाटे में है। ऐसी स्थिति …

अयोध्या। अपनी प्रमुख समस्याओं को लेकर जनपद के समस्त राइस मिलर्स ने मंगलवार को अपने मिलों की चाभी सौंपते हुए जिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन भेजा है।

राइस मिलर्स का मानना है कि उत्तर प्रदेश चावल उद्योग कृषि पर आधारित सबसे बड़ा उद्योग है, लेकिन वर्तमान समय में यह जबरदस्त घाटे में है। ऐसी स्थिति में यदि चावल उद्योग की समस्याओं के समाधान नहीं हुआ तो यह समाप्त हो जाएगा।

मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लालजी ने अपनी प्रमुख मांगों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में खरीफ सीजन में केंद्रो पर जो धान खरीदा जाता है। उसमें 56 से लेकर 60 प्रतिशत तक ही चावल की रिकवरी आती है जबकि मिलर्स से 67 प्रतिशत रिकवरी ली जाती है, जिससे आर्थिक हानि होती है ऐसी स्थिति में रिकवरी को 60 प्रतिशत तक किया जाए।

मिलर्स के द्वारा धान की कुटाई में 250 रुपया प्रति कुन्टल किया जाना आवश्यक है। होलडिंग चार्ज की अवधि 45 दिन से बढ़ाकर 75 दिन किया जाए। पुराना बकाया सरकार द्वारा किया जाए। धान और चावल का परिवाहन मिलर्स के द्वारा कराया जाए। धान प्राप्ति मिलर्स के डिजिटल हस्ताक्षर से करने की व्यवस्था हो।  चावल में आने वाली नमी के बदले चावल लिया जाए न कि बिल से कटौती हो। पुराने बकायेदार मिलर्स के लिए एक मुस्त समाधान योजना लागू करके काम करने का अवसर दिया जाए।

लाट डिपो पर यदि 24 घंटे मे अनलोड न हो तो मिलर्स को तीन हजार रुपए प्रतिदिन का हाल्टेज दिया जाए। इस अवसर पर राम सागर वर्मा, विनय सिंह व नागेंद्र प्रताप सिंह के अलावा अन्य राइस मिलर्स भी मौजूद रहे।

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