हल्द्वानीः आठ को नहाय खाय के साथ शुरू होगी छठ पूजा
हल्द्वानी, अमृत विचार। हिन्दू पंचाग के कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को यानी दिवाली के छठे दिन छठ पूजा मनाई जाती है। इस बार छठ पूजा 10 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में दिवाली खत्म होते ही घाटों को साफ करने और सजाने का काम भी पूरा हो गया है। सबसे कठिन व्रतों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। हिन्दू पंचाग के कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को यानी दिवाली के छठे दिन छठ पूजा मनाई जाती है। इस बार छठ पूजा 10 नवंबर को मनाई जाएगी। ऐसे में दिवाली खत्म होते ही घाटों को साफ करने और सजाने का काम भी पूरा हो गया है। सबसे कठिन व्रतों में से एक छठ को लेकर मान्यता है कि छठी मईया का व्रत रखने वाले व विधि-विधान से पूजा करने वाले दंपति को संतान सुख की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख समृद्धि आती है। सूर्य देव और उनकी बहन छठी मईया को समर्पित इस महापर्व की तैयारी पूरी हो चुकी है. रामपुर रोड स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल के पास छठ स्थल पर सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
छठ पूजा कब है
-8 नवंबर 2021 यानी सोमवार को नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरूआत होगी।
-9 नवंबर 2021 यानी मंगलवार को खरना मनाया जाएगा।
-10 नंवबर 2021 यानी बुधवार को छठ पूजा मनाई जाएगी, जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
-11 नवंबर 2021 यानी गुरुवार को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का समापन होगा।
क्या है नहाय खाय
नहाय खाय के दिन घर की विस्तार से सफाई की जाती है और पूजा सामग्री को पवित्र स्थान पर रखा जाता है. इस दिन से सभी घर के सदस्या सात्विक आहार करते हैं।
क्या है खरना
छठ पूजा का दूसरा यानी सबसे महत्वपूर्ण दिन खरना का होता है. खरना वाले दिन से व्रत का प्रारंभ होता है और और रात में पूरी पवित्रता के साथ बनी गुड की खीर का सेवन किया जाता है. खीर खाने के बाद अगले 36 घंटे का कठिन व्रत रखा जाता है. खरना के दिन छठ पूजा का प्रसाद भी तैयार किया जाता है।
तीसरा दिन यानी छठ पर्व
खरना के अगले दिन छठी मइया की पूजा की जाती है और इस दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ देकर जल्दी उगने और संसार पर कृपा करने की प्रार्थना करते हैं।
चौथा दिन छठ पूजा का समापन
छठ पूजा के अगले दिन यानी कि 11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ देने के साथ ही छठ का कठिन व्रत संपन्न हो जाता है. इस दिन प्रसाद बांटा जाता है।
