लखनऊ: वाहनों की कमी यात्रियों के लिए बन रही मुसीबत, जानें कैसे?
लखनऊ। दीपावली के बाद राजधानी में सार्वजनिक यातायात की सुविधा पटरी पर नहीं आ सकी है। वाहनों की कमी के चलते यात्रियों को जहां सफर के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं वाहन मालिक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इसको लेकर चालकों के साथ यात्रियों की नोंक-झोंक भी हुई और आक्रोशित …
लखनऊ। दीपावली के बाद राजधानी में सार्वजनिक यातायात की सुविधा पटरी पर नहीं आ सकी है। वाहनों की कमी के चलते यात्रियों को जहां सफर के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं वाहन मालिक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इसको लेकर चालकों के साथ यात्रियों की नोंक-झोंक भी हुई और आक्रोशित नागरिकों ने परिवहन विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत भी दर्ज कराई।सोमवार को सरकारी कार्यालय खुलने के साथ यातायात व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।
यात्रियों के अनुसार ओला-उबर की बुकिंग भी मुश्किल से मिल रही थी। डिमांड अधिक होने के कारण इनका किराया भी सामान्य दिनों की अपेक्षा रविवार को अधिक रहा। किराया अधिक होने के कारण कई लोगों ने बुकिंग निरस्त कर दी। वाहनों का अभाव इस कदर रहा कि गोमती नगर, इंदिरा नगर, कपूरथला चौराहा, निशातगंज, हजरतगंज चौराहा, हुसैनगंज चौराहा, सिकंदरबाग चौराहा, नक्खास तिराहा, राजाजीपुरम, आलमबाग सहित कई इलाकों में लोग ऑटो, टैम्पों और ई रिक्शा का इंतजार करते दिखाई पड़े।
वाहनों की कमी के चलते आलमबाग से चारबाग तक का चार लोगों को किराया 60 रुपए है लेकिन यात्रियों से 150 रुपए वसूले गए। ई रिक्शा चालक जो चारबाग से हुसैनगंज तक 20 रुपए लेते थे उन्होंने 50 रुपए तक यात्रियों से लिए। आरटीओ राम फेर द्विवदी के अनुसार यदि नंबर सहित वाहन की कंपलेन आई है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। बताते चले कि राजधानी में सिटी बसों की संख्या भी कम रही। एमएसटी लेकर सफर करने वाले यात्रियों को सिटी बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
