अमरोहा : रेलवे ट्रैक पर मिली युवती ने भी उपचार के दौरान तोड़ा दम
अमरोहा, अमृत विचार। रेलवे ट्रैक पर खून से लथपथ मिले पंजाब के युगल की कहानी का आखिरी पन्ना भी प्रभजोत की मौत के बाद बंद हो गया। सोमवार को मेरठ स्थित एक अस्पताल में घायल प्रभजोत कौर ने अंतिम सांस ली। घटना में प्रभजोत के दोनों पैर कट गए थे और सिर में भी काफी …
अमरोहा, अमृत विचार। रेलवे ट्रैक पर खून से लथपथ मिले पंजाब के युगल की कहानी का आखिरी पन्ना भी प्रभजोत की मौत के बाद बंद हो गया। सोमवार को मेरठ स्थित एक अस्पताल में घायल प्रभजोत कौर ने अंतिम सांस ली। घटना में प्रभजोत के दोनों पैर कट गए थे और सिर में भी काफी चोट आई थी। प्रभजोत की मौत के बाद उसके परिजन पंजाब से मेरठ पहुंचकर उसका शव ले गए हैं। आकाशदीप की पहले ही मौत हो चुकी है।
पंजाब के युगल की कहानी कई सवालों में सिमट कर रह गई। आकाशदीप और प्रभजोत की मौत के बाद कहानी के सारे राज उनके साथ चले गए। दोनों में कब से प्रेम-प्रसंग चल रहा था, कब मिले, कहां जा रहे थे, आखिर क्यों दोनों ने एक साथ मौत का सफर चुना। इन सभी सवालों के जवाब का अब किसी को पता नहीं चल पाएगा। पुलिस भी प्रभजोत के स्वस्थ्य होने के बाद उसके बयानों का इंतजार कर रही थी।
लेकिन दोनों की कहानी अब राज ही बनकर रह गई। दरअसल, शनिवार सुबह थाना अमरोहा देहात के गांव पृथ्वीपुर के पास रेलवे ट्रैक पर पंजाब के युगल खून से लथपथ पड़े मिले थे। उनकी पहचान आकाशदीप और प्रभजोत कौर निवासी पंजाब के रूप में हुई थी। आकाशदीप की कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी। जबकि प्रभजोत कौर के दोनों पैर कट गए थे और गंभीर रूप से घायल थी।
पुलिस ने घायल प्रभजोत को अस्पताल में भर्ती करा दिया था, जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया था। रविवार को मृतक आकाशदीप के परिजन पंजाब से अमरोहा पहुंचकर उसका शव लेकर चले गए थे। मेरठ स्थित अस्पताल में भर्ती प्रभजोत के परिजन भी सोमवार को उसका हालचाल जानने के लिए पहुंचे थे। लेकिन इतने में ही प्रभजोत ने दम तोड़ दिया। प्रभजोत दो दिन से वेंटिलेटर पर थी।
मेरठ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान प्रभजोत की मौत हो गई है। पंजाब से मेरठ पहुंचे उसके परिजन शव ले गए हैं। थाने से पुलिस को वहां भेज दिया था। परिजन अगर किसी प्रकार की कार्रवाई चाहते हैं तो की जाएगी।
सुनील मलिक, एसओ थाना देहात
परिजनों के लिए तो छह महीने पहले ही मर गई थी प्रभजोत
एसओ सुनील मलिक ने बताया कि रविवार को जब आकाशदीप के परिजन यहां पहुंचे तो उन्होंने बताया कि वह प्रभजोत के घर गए थे। उनका कहना था कि सात महीने से वह लोग प्रभजोत के संपर्क में नहीं है, वह उनके लिए मर चुकी है। दरअसल, प्रभजोत परिजनों की मर्जी के बिना नौकरी के सिलसिले में कतर चली गई थी। तब से ही परिजनों का संपर्क प्रभजोत से खत्म हो गया था। पुलिस को प्रभजोत के पास से उसका फटा हुआ पासपोर्ट भी मिला था।
