मुरादाबाद : डायमंड ज्वैलरी से बढ़ेगी शादी की खुशियां
मुरादाबाद, अमृत विचार। शादी का सीजन नजदीक आते ही सर्राफा बाजार में खरीदारी शुरू हो गई है। भारतीय परंपरा में शादी और तीज त्योहारों व पारिवारिक समारोह में कपड़ों के साथ ज्वेलरी की भी खास अहमियत होती है। इसके बिना तो महिलाओं की पर्सनैलिटी अधूरी है। वे अपने कपड़ों से लेकर गहने चुनने में काफी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शादी का सीजन नजदीक आते ही सर्राफा बाजार में खरीदारी शुरू हो गई है। भारतीय परंपरा में शादी और तीज त्योहारों व पारिवारिक समारोह में कपड़ों के साथ ज्वेलरी की भी खास अहमियत होती है। इसके बिना तो महिलाओं की पर्सनैलिटी अधूरी है। वे अपने कपड़ों से लेकर गहने चुनने में काफी चूजी होतीं हैं। कपड़ों की तरह ज्वेलरी का ट्रेंड भी बदलता रहता है।
इस बार लाइट वेट में डायमंड की खासी मांग है। रिंग सेरेमनी के लिए दूल्हा और दुल्हन के लिए हीरे वाली अंगूठी खरीदी जा रही है। सोने के साथ ही हीरे के नेकलेस लोगों को खासा पसंद आ रहे हैं। कुंदन, पोलकी के साथ मीनाकारी दुल्हन को लुभा रही है। लोगों को हीरा के छोटे-बड़ा सभी प्रकार के गहने मिल रहे हैं। ज्वेलरी विक्रेता मनीष गोयल बताते हैं कि उनके पास वीवीएस क्वालिटी के अलावा बेल्जियम के मशहूर हीरे के गहने हैं। बताया कि हीरा के गहनों में डायमंड नेकलेस, बैंगल्स, वेंडिग सेट, ईयर रिंग्स, झुमकी, फिंगर रिंग, नोजपिन, ब्रासलेट, पेंडेंट, टॉप्स समेत ढेरों प्रकार की वेराइटी है।
कुंदन बॉम्बे स्टाइल है खास
शाही घरानों के परंपरागत गहने जिनमें टेंपल ज्वेलरी में देवी-देवताओं की आकृति बनी है, जिसमें माथा पट्टी, कमर बंद, कानफूल काफी लोकप्रिय हैं। हीरे के साथ मोती लगे आभूषण दुल्हन को अलग ही आकर्षण देते हैं। ब्राइडल परिधान के साथ हीरे के आभूषण अच्छे लगते हैं। अतकट पोल्की और मोती वाली चांदबाली पहन सकते हैं।
हॉल मार्किंग, सर्टिफिकेशन ने बढ़ाई पारदर्शिता
सर्राफा कमेटी गंज विहार के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि ज्वेलरी इंडस्ट्री में 10-15 साल से व्यापक परिवर्तन हुए हैं। सोने की ज्वेलरी की हॉल मार्किंग, डायमंड का सर्टिफिकेशन, कैरेट मीटर से ज्वेलरी की परख, इन सब से पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्राहकों का रुझान सोने व डायमंड की ज्वेलरी की ओर बढ़ा है। डिजाइन में निरंतर नयापन लाकर नई उम्र के ग्राहकों को गहनों की तरफ आकर्षित किया है।
अब डायमंड ज्वेलरी मध्यमवर्गीय परिवारों की खास पसंद
ज्वेलर्स सचिन अग्रवाल ने कहा कि हीरे के आभूषण की रेंज 10 हजार से शुरू होकर लाखों, करोड़ों तक है। मध्यमवर्गीय परिवार भी आकर्षित हो रहा है। 15-25 हजार खर्च कर अच्छी रिंग, बाली और नथुनी समेत विभिन्न चीजें मिल जातीं हैं। इनमें 70 फीसद काम हीरे और 30 फीसद में सोना का होता है।
हीरे पर 20 फीसद काट कर जेवर लिए जाते हैं वापस
सोने की तरह हीरे पर सर्राफा कारोबारी 20 फीसद पैसे काटकर 80 फीसद रुपये वापस करते हैं। यही कारण है कि कुछ वर्षों से ग्राहकों का रुझान हीरे से बने आभूषण की ओर बढ़ता जा रहा है। जबकि कंपनियों के बने गहने में ग्राहक की खरीदारी करते वक्त ही 40 फीसद के दाम कम कर आने वाले समय सही दाम बता दिए जाते हैं।
