बरेली: फेल छात्रों का यूनिवर्सिटी में हंगामा, सुरक्षाकर्मी को दौड़ाया

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बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि महाविद्यालयों के बीएससी कृषि ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर में बड़ी संख्या में फेल हुए छात्रों का शुक्रवार को आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में कई महाविद्यालयों के छात्र विश्वविद्यालय पहुंच गए। उनके साथ में शिक्षक भी आए। छात्रों ने प्रशासनिक भवन और मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते …

बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कृषि महाविद्यालयों के बीएससी कृषि ऑनर्स प्रथम सेमेस्टर में बड़ी संख्या में फेल हुए छात्रों का शुक्रवार को आक्रोश भड़क उठा। बड़ी संख्या में कई महाविद्यालयों के छात्र विश्वविद्यालय पहुंच गए। उनके साथ में शिक्षक भी आए। छात्रों ने प्रशासनिक भवन और मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। दिनभर नोकझोंक के बीच हंगामा हुआ। पुलिस की मौजूदगी में छात्रों ने एक सुरक्षाकर्मी को भी दौड़ाकर पीटने की कोशिश की। हंगामा बढ़ने की आशंका पर कई थानों की फोर्स भी पहुंच गई।

एडीएम सिटी रामदुलारे पांडेय, एएसपी साद मियां, सीओ श्वेता कुमारी व अन्य अधिकारी भी विश्वविद्यालय पहुंचे और छात्रों को आश्वासन दिया। कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने शिक्षकों व छात्रों के साथ बैठक की। बैठक में कृषि संकायाध्यक्ष की अध्यक्षता में समिति बनाकर जल्द निर्णय लेना का आश्वासन दिया। उसके बाद ही छात्र शांत हुए। कृषि महाविद्यालयों व शिक्षकों और समितियों की बैठकें शनिवार को होंगी। उसके बाद नियमों को देखते हुए छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।

बीएससी कृषि ऑनर्स में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर-इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च) के नियमों के तहत 50 फीसदी मार्क्स इंटरनल और 50 फीसदी मार्क्स एक्सटर्नल एग्जाम के होते हैं। इंटरनल में 20 फीसदी मिड टर्म और 30 फीसदी प्रैक्टिकल के होते हैं। इसमें 10 ग्रेडिंग प्वाइंट में पास होने के लिए 5 ग्रेडिंग प्वाइंट होने जरूरी हैं। मिड, प्रैक्टिकल या मुख्य परीक्षा में किसी में भी कम ग्रेडिंग होने पर छात्र फेल हो जाएगा।

मंगलवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अलग-अलग महाविद्यालयों के 2300 से अधिक छात्रों का रिजल्ट जारी किया तो इसमें 1700 से अधिक फेल हो गए और कुछ ही बैक आयी है। करीब 2200 छात्र प्रभावित हुए हैं। सबसे पहले तो छात्र अपने कॉलेज गए तो उन्हें विश्वविद्यालय के द्वारा फेल करना बता दिया गया। इसकी वजह से शुक्रवार सुबह ही सैकड़ों की संख्या में छात्र बसों से विश्वविद्यालय पहुंच गए। सभी ने प्रशासनिक भवन के अंदर प्रवेश करना चाहा लेकिन उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। इस पर छात्र नारेबाजी करने लगे। उसके बाद शिक्षकों को अंदर बुलाया गया।

कई घंटे बाद कुलसचिव डा. राजीव कुमार बाहर आए और छात्रों को समिति बनाकर एक सप्ताह में निर्णय लेने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल व मिड टर्म में अधिकांश छात्र पास हैं। वह देखेंगे कि महाविद्यालयों ने कितनी पढ़ाई करायी है। उनकी संबद्धता भी वापस ली जा सकती है। इसके बाद भी छात्र शांत नहीं हुए।

चीफ प्रॉक्टर जेएन मौर्य ने समझाने का प्रयास किया। उसके बाद सभी छात्रों ने सड़क पर पहुंचकर जाम लगाने की बात कही तो पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। जब पुलिस रोड पर पहुंची तो छात्रों ने मुख्य द्वार बंद करा दिया और वहां पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बैरियर गिरा दिया।

डंडा लगने पर भड़क गए छात्र
शाम को एक बार फिर छात्र प्रशासनिक भवन पर पहुंच गए और जबरन अंदर जाने का प्रयास किया। इस पर सुरक्षाकर्मियों ने रोकने का प्रयास किया तो एक गार्ड का डंडा किसी छात्र को लग गया तो छात्रों ने गार्ड को दौड़ाकर पीटने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने गार्ड को बुला लिया। उसके बाद सभी शिक्षकों व छात्रों को अंदर बुलाकर कुलसचिव ने वार्ता की और जल्द ही छात्रों के हित में निर्णय लेने का आश्वासन दिया।

शनिवार को होंगी बैठकें
कुलसचिव डा. राजीव कुमार ने बताया कि कृषि संकायाध्यक्ष चमन सिंह के नेतृत्व में प्रो. जेएन मौर्य, डा. हरिकेश सिंह, डा. ओपी मौर्य की एक समिति बनायी है। यह समिति नियमों को ध्यान में रखते हुए छात्रों के हित में निर्णय लेगी। शनिवार को समिति की बैठक होगी। शनिवार को सभी कृषि महाविद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षकों की भी बैठक बुलायी गई है। इसमें सभी से पूछा जाएगा कि इतनी संख्या में छात्र कैसे फेल हो गए। उनके यहां कितनी पढ़ाई की गई। उन्हें उन कॉलेज के शिक्षकों से भी रुबरू कराया जाएगा, जहां के अधिकांश छात्र पास हुए हैं।

छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा। समिति व शिक्षकों की बैठकें बुलायी गई हैं। नियम न टूटें इसका भी ध्यान रखा जाएगा। -प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुविवि

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