महबूबा मुफ्ती बोलीं- धर्म के नाम पर लोगों की हत्या करने वालों से राजनीतिक दलों की तुलना करने में कुछ गलत नहीं

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जम्मू। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद द्वारा अपनी किताब में कुछ लोगों द्वारा प्रचारित हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कट्टरपंथी जिहादी समूहों से करने को लेकर उठे विवाद के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि धर्म के नाम पर लोगों की हत्या करने …

जम्मू। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद द्वारा अपनी किताब में कुछ लोगों द्वारा प्रचारित हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हराम जैसे कट्टरपंथी जिहादी समूहों से करने को लेकर उठे विवाद के बीच पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि धर्म के नाम पर लोगों की हत्या करने वाले समूहों के साथ राजनीतिक दलों की तुलना करने में कुछ भी गलत नहीं है।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ”हिंदुत्व और हिंदू धर्म” के अपहरण का आरोप लगाया और कहा कि सनातन धर्म सांप्रदायिकता नहीं सिखाता है। खुर्शीद ने अपनी पुस्तक में लिखा है, ”सनातन धर्म और पारंपरिक हिंदुत्व ऋषि, मुनियों और संतों के लिए जाना जाता है, लेकिन हिंदुत्व के एक अलग रूप द्वारा इसे एक तरफ धकेला जा रहा है, सभी मानदंडों पर हिंदुत्व का यह राजनीतिक संस्करण हाल के वर्षों के आईएसआईएस और बोको हराम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों के समान है।”

मुफ्ती ने पीडीपी मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, ”सांप्रदायिक दल जो हिंदू और मुसलमानों को आपस में लड़ाना चाहते हैं और धर्म के नाम पर ‘लिंचिंग’ करना चाहते हैं। आप ऐसी पार्टियों की तुलना आईएसआईएस या किसी अन्य समान विचारधारा वाले समूह से कर सकते हैं क्योंकि दोनों धर्म के नाम पर लोगों की जान लेते हैं।” खुर्शीद की किताब पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”सनातन धर्म हमें सांप्रदायिकता नहीं सिखाता है।”

उन्होंने कहा, ”आरएसएस, जनसंघ और भाजपा देश में लोगों को धर्म के नाम पर एक-दूसरे से लड़ाना चाहते हैं। उन्होंने हिंदुत्व और हिंदू धर्म को ‘हाईजैक’ कर लिया है।” जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने ”वसुधैव कुटुम्बकम” का उल्लेख करते हुए कहा, ”सनातन धर्म हमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ सिखाता है।

भाजपा और आरएसएस हमें जो सिखाने की कोशिश कर रहे हैं वह न तो हिंदुत्व है और न ही हिंदू धर्म।” इस बीच, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने राकेश बजरंगी के नेतृत्व में यहां प्रेस क्लब के बाहर खुर्शीद के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनकी किताब पर प्रतिबंध लगाने और पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। बजरंगी ने कहा, ”हिंदुत्व की तुलना आतंकी समूहों से कर खुर्शीद ने पाप किया है। उनकी किताब पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।”

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