हल्द्वानी: पुलिस ने खाली कराया गरीबों का ठिकाना, दबंगों ने फिर कब्जाया
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर के जिस इकलौते रिक्शा स्टैण्ड को पुलिस ने कुछ समय पहले खाली कराया था, उस पर दबंगों ने फिर से कब्जा जमा लिया है। करीब 40 साल बाद पहली बार अतिक्रमण से मुक्त हुए रिक्शा स्टैण्ड पर दोबारा कब्जा कर दबंगों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। जबकि गरीब …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर के जिस इकलौते रिक्शा स्टैण्ड को पुलिस ने कुछ समय पहले खाली कराया था, उस पर दबंगों ने फिर से कब्जा जमा लिया है। करीब 40 साल बाद पहली बार अतिक्रमण से मुक्त हुए रिक्शा स्टैण्ड पर दोबारा कब्जा कर दबंगों ने पुलिस को खुली चुनौती दे दी है। जबकि गरीब रिक्शेवाले फिर सड़क पर आ गए हैं।
बेस अस्पताल के बाहर करीब 40 साल पहले एक रिक्शा स्टैंड का निर्माण कराया गया था। लोहे की छत से बने इस रिक्शा स्टैण्ड में करीब 10 रिक्शों के खड़ा होने की व्यवस्था थी। शुरुआती कुछ साल ये रिक्शा स्टैण्ड ठीक चले लेकिन धीरे-धीरे इस पर अतिक्रमण शुरू हुआ और देखते ही देखते रिक्शा स्टैण्ड पूरी तरह अतिक्रमण की जद में आ गया।

अतिक्रमण मुक्त और सुगम यातायात युक्त शहर को लेकर जब डीआईजी निलेश आनंद भरणे ने जब अभियान छेड़ा तो ट्रैनी सीओ हर्षवर्धिनी सुमन व ट्रेनी सीओ विमल ने इस रिक्शा स्टैण्ड को अतिक्रमणकारियों से खाली कराया और दोबारा कब्जा न करने का अल्टीमेटम दिया। तीन दिन तक अतिक्रमणकारी इस स्टैण्ड से दूर रहे, लेकिन चौथे दिन से इस स्टैण्ड पर दबंगों ने फिर कब्जा कर लिया। अब एक बार दबंग रिक्शा स्टैण्ड के अंदर हैं और इसके असली हकदार रिक्शेवाले सड़क पर लोगों की दुत्कार सुन रहे हैं।
मरीजों की सहूलियत के लिए बनवाया गया था स्टैण्ड
करीब 40 साल पहले शहर में यातायात का सीमित संसाधन थे। यानि लोगों के पास अपने निजी वाहन कम थे और छोटे गंतव्य के लिए लोग रिक्शों का इस्तेमाल करते थे। इसी सहूलियत को देखते हुए करीब 40 साल पहले बेस अस्पताल की दीवार सटे रिक्शा स्टैण्ड का निर्माण कराया गया था। ये निर्माण नगर निगम ने कराया था और अब नगर निगम ही इसके प्रति सबसे बड़ी लापरवाही बरत रहा है।
पुलिस ने रिक्शा स्टैण्ड को खाली कराया था लेकिन यदि रिक्शा स्टैण्ड पर दोबारा अतिक्रमण किया गया है तो यह बेहद गंभीर बात है। पुलिस इसके खिलाफ सख्त एक्शन लेगी। – हर्षवर्धिनी सुमन, सीओ
