बरेली: विश्वविद्यालय के रिजल्ट पर कोरोना का प्रभाव
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा। ऑफलाइन कक्षाएं लगी नहीं और ऑनलाइन पढ़ाई हुई नहीं। छात्र भी प्रोन्नत होने की उम्मीद करके बैठे थे। अब जब से रिजल्ट आ रहे हैं तब से छात्र परेशान हैं। छात्रों के रिजल्ट पर असर पड़ा है। जिन छात्रों ने बिल्कुल पढ़ाई नहीं …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल का असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा। ऑफलाइन कक्षाएं लगी नहीं और ऑनलाइन पढ़ाई हुई नहीं। छात्र भी प्रोन्नत होने की उम्मीद करके बैठे थे। अब जब से रिजल्ट आ रहे हैं तब से छात्र परेशान हैं। छात्रों के रिजल्ट पर असर पड़ा है। जिन छात्रों ने बिल्कुल पढ़ाई नहीं की, वह फेल हो गए।
अधिकांश संख्या में छात्रों के फेल होने पर विरोध भी हुए। इसकी वजह से कई बार एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय को रिजल्ट की समिति बनाकर जांच करानी पड़ी जिसमें कई बार नियम बदलकर रिजल्ट में फेरबदल करना पड़ा तो कई बार कोई संशोधन नहीं किया गया। हालांकि विश्वविद्यालय ने चैलेंज मूल्यांकन के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं जिस छात्र को रिजल्ट से दिक्कत है तो वह उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देख सकता है।
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने जुलाई और अगस्त में परीक्षाओं का आयोजन कराया था। अगस्त से रिजल्ट भी घोषित होने शुरू हो गए। सबसे पहले बीसीए के छात्रों ने गणित विषय में फेल होने पर विरोध किया था। विश्वविद्यालय ने छात्रों के हंगामे के बाद समिति गठित की। इसके बाद पता चला कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही से नहीं किया गया है। इसकी वजह से शिक्षक को भी डिबार किया गया था। उसके बाद मुख्य परीक्षा के बीए, बीएससी व बीकॉम के रिजल्ट आए।
इसके रिजल्ट को लेकर भी छात्रों ने विरोध किया। उसके बाद विश्वविद्यालय के द्वारा रिजल्ट का फार्मूला जारी किया गया। समिति बनाकर उत्तर पुस्तिकाओं की रेंडम चेकिंग करायी गई। हालांकि रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसी तरह से बीटेक के रिजल्ट का भी विरोध हुआ। अब बीएससी कृषि ऑनर्स के रिजल्ट का विरोध हुआ तो समिति बनाकर नियम में बदलाव कर संशोधित रिजल्ट जारी किया गया।
आज से रिजल्ट को चुनौती दे सकेंगे छात्र
जिन छात्रों को रिजल्ट से दिक्कत है, वह 15 नवंबर सोमवार से मूल्यांकन को चुनौती दे सकेंगे। विश्वविद्यालय के चुनौती मूल्यांकन के आवेदन 15 से 25 नवंबर तक उपलबध होंगे। इसके लिए छात्रों को 300 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी दी जाएगी। कॉपी देखने के बाद असंतुष्ट होने पर उन्हें चैलेंज मूल्यांकन के द्वितीय चरण के लिए आवेदन करना होगा।
