रामपुर : संविदा कर्मी की मौत पर भड़के ग्रामीण, किया हंगामा
रामपुर/भोट, अमृत विचार। विद्युत लाइन में काम करते समय करंट आ जाने से गंभीर रूप से झुलसे संविदा कर्मी की उपचार के दौरान मुरादाबाद स्थित एक अस्पताल में मौत गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने बिजलीघर में एकत्र होकर हंगामा किया। इस दौरान ग्रामीण मृतक के परिजनों को बीस लाख रुपये का मुआवजा दिलवाए जाने की …
रामपुर/भोट, अमृत विचार। विद्युत लाइन में काम करते समय करंट आ जाने से गंभीर रूप से झुलसे संविदा कर्मी की उपचार के दौरान मुरादाबाद स्थित एक अस्पताल में मौत गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने बिजलीघर में एकत्र होकर हंगामा किया। इस दौरान ग्रामीण मृतक के परिजनों को बीस लाख रुपये का मुआवजा दिलवाए जाने की मांग कर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा विद्युत विभाग के आलाधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने भी मृतक के शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को जिला चिकित्सालय भिजवाया।
थाना क्षेत्र के महेशपुरा गांव निवासी सईद अहमद (46) पुत्र रफीक अहमद भोट बिजलीघर में संविदा कर्मी के पद पर कार्य कर रहा था। बीते मंगलवार को क्षेत्र के खूंटाखेड़ा के पास लाइन सही करने पर करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया था। जिसका उपचार मुरादाबाद स्थित एक चिकित्सालय में चल रहा था। उपचार के दौरान रविवार देर रात संविदाकर्मी की मौत पर उसके घर में कोहराम मच गया। इस पर ग्रामीण विभागीय कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाने लगे।
सोमवार सुबह पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम व भाकियू के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनीफ वारसी के नेतृत्व में तमाम ग्रामीण भोट बिजलीघर पहुंच गए। विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजलीघर के गेट पर धरने पर बैठ गए। आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के आश्रितों को बीस लाख रुपये का मुआवजा व लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों के धरने पर बैठने की सूचना पर उपजिलाधिकारी बिलासपुर निरंकार सिंह, तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार व अधिशासी अभियंता कमरूद्दीन विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। इस दौरान करीब चार घंटे तक कई दौर की वार्ता के बाद अधिशासी अभियंता द्वारा 5 लाख रुपये की राहत राशि विभाग से दिलवाए जाने तथा विभागीय कर्मचारियों द्वारा भी कुछ राशि एकत्र कर दिए जाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने बताया कि विभागीय लापरवाही से शटडाउन के बावजूद लाइन में करंट आने से संविदा कर्मचारी की मौत हो गई। फिलहाल उपजिलाधिकारी बिलासपुर द्वारा भी मदद का आश्वासन दिया गया है तथा अधिशासी अभियंता द्वारा पांच लाख रुपये की राहत राशि दिए जाने तथा कर्मचारियेां द्वारा भी आपसी सहयोग से धन एकत्र कर दिए जाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों द्वारा उचित आश्वासन दिए जाने पर आक्रोशित ग्रामीणों को समझा दिया गया है।
