बरेली: कस्टम मेड प्रोस्थेसिस से कैंसर मरीज की बचाई जान
बरेली, अमृत विचार। एक मरीज में घुटने तक फैल चुके बोन कैंसर का चुनौतिपूर्ण ऑपरेशन कर शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा़ सत्येंद्र सिंह ने मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसे अपने पैरों पर दोबारा से खड़ा कर दिखाया है। कस्टम मेड प्रोस्थेसिस के जरिए मरीज का पैर बगैर काटे आपॅरेशन सफल होने पर …
बरेली, अमृत विचार। एक मरीज में घुटने तक फैल चुके बोन कैंसर का चुनौतिपूर्ण ऑपरेशन कर शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा़ सत्येंद्र सिंह ने मरीज का सफल ऑपरेशन कर उसे अपने पैरों पर दोबारा से खड़ा कर दिखाया है। कस्टम मेड प्रोस्थेसिस के जरिए मरीज का पैर बगैर काटे आपॅरेशन सफल होने पर परिजन समेत शुभचिंतक उनकी इस सफलता को खूब सराह रहे हैं।
डा़ सत्येंद्र ने बताया कि मरीज उनके पास बीते कोरोना काल से पहले पैर की जांच कराने आया था। जांच में पैर की स्थिति देख तत्काल उसे ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई लेकिन मरीज देरी करता रहा और ऑपरेशन नहीं कराया। कोरोना काल के बाद अक्टूबर में मरीज दोबारा उनके पास उपचार के लिए आया। मरीज के पैर में विकराल रूप धारण कर चुके कैंसर की स्थिति यह थी कि मरीज की देरी के कारण इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ सकता था।
अंतत: एक्सपर्ट डाक्टरों के साथ पैर के ऑपरेशन के बारे में विस्तृत चर्चा कर ऑपरेशन करने का फैसला किया गया। मरीज का ऑपरेशन करना और पैर को बगैर काटे उसे पैरों पर खड़ा करना पूरी टीम के लिए चुनौती भरा निर्णय था लेकिन विशेषज्ञों की पूरी टीम के साथ मरीज का लगभग 4 घंटे तक ऑपरेशन कर घुटने में बने भारी भरकम ट्यूमर को निकाल कर कस्टम मेड प्रोस्थेसिस के जरिए मरीज को खड़ा कर दिया गया।
ऑपरेशन के दौरान ट्यूमर में फंसी खून और करंट की नस को बचाने के लिए वरिष्ट प्लास्टिक सर्जन डा़ विपुल कुमार और एनेस्थेसिस्ट डा़ देवेंद्र सिह ने मरीज को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए लगे रहे। मरीज को स्वास्थ्य करने में ओटी स्टॉफ के जसवंत और वीनस ने भी बखूबी अपनी भूमिका निभाई । उन्होंने बताया कि इस प्रकार के ऑपरेशन के बाद लगभग 5 साल तक मरीज को लगातार जांच कराते रहना चाहिए ताकि दोबारा से यह रोग उस हिस्से में न हो सके। फिलहाल मरीज पूरी तरह से स्वस्थ्य है और अपने पैरों पर बगैर किसी सहारे के चल सकता है।
