रायबरेली: सरकार के आदेश पर पहली बार हो रहा डलमऊ कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन

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रायबरेली। डलमऊ का इतिहास प्राचीन है, गालव ऋषि जो त्रेतायुग के ऋषि थे। उन्होंने गंगा के तट पर अपनी तपस्थली बनाई जो कालांतर में दलमऊ कहलाई। वर्तमान में इसे डलमऊ के नाम से जाना जाता है। यहां हर माह पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। जबकि कार्तिक पूर्णिमा …

रायबरेली। डलमऊ का इतिहास प्राचीन है, गालव ऋषि जो त्रेतायुग के ऋषि थे। उन्होंने गंगा के तट पर अपनी तपस्थली बनाई जो कालांतर में दलमऊ कहलाई। वर्तमान में इसे डलमऊ के नाम से जाना जाता है। यहां हर माह पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। जबकि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले मेले की प्रसिद्धि सतयुग से है।

हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर 10 से 15 लाख श्रद्धालु यहां आकर गंगा स्नान कर जीवन कल्याण की प्रार्थना मां गंगा से करते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में इसे प्रांतीय मेले का दर्जा दिया। कोरोना महामारी के कारण बीते वर्ष प्रांतीय मेला का आयोजन नहीं हो सका। इस बार प्रांतीय मेला कार्तिक पूर्णिमा से 2 दिन पहले 17 नवंबर से शुरू होगा जो 21 नवंबर तक चलेगा।

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वहीं कार्तिक पूर्णिमा प्रांतीय मेले के लिए दो करोड़ 36 लाख रुपए के बजट की मांग प्रशासन की ओर से की गई थी, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। ऐसे में नगर पंचायत व अन्य विभाग अपने स्तर से तैयारियां कर रहे हैं। प्रांतीय मेले की घोषणा होते ही स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रांतीय मेला घोषित होने से श्रद्धालुओं की आमद और बढ़ने की उम्मीदें छोटे दुकानदारों में बढ गई हैं। मेले में आने वाले हजारों दुकानदारों को इस बार बेहतर व्यवसाय होने की उम्मीद हो गई है।

यह होंगे प्रमुख आयोजन

प्रांतीय मेले के दौरान धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं। जिनमें 17 नवंबर से 10 दिनों तक चलने वाला डलमऊ महोत्सव, 3 दिनों तक सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ परिसर में संगीत में सत्संग, कुशल कलाकारों की ओर से रामलीला का मंचन आयोजन प्रमुख हैं। 18 नवंबर को सुबह सनातन धर्म पीठ परिसर में सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार व  शायं काल भव्य गंगा आरती, सनातन धर्म पीठ परिसर में 19 नवंबर को सुबह से देर शाम तक विशाल भंडारा। आज के आयोजन प्रमुख रूप से होते हैं।

सुरक्षा के इंतजाम

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से संपूर्ण मेला क्षेत्र व सभी गंगा घाटों पर सीसीटीवी कैमरे, संपूर्ण मेला क्षेत्र में मेले के दौरान ड्रोन कैमरा से नजर व बाहर तिराहे व चौराहे , सभी गंगा घाट व नाव पर पुलिस के जवान अपनी पैनी नजर रखेंगे।

इस तरह पहुंचे मेला स्थल

प्रांतीय मेले तक पहुंचने के लिए लालगंज ऊंचाहार मार्ग, रायबरेली से मुंशीगंज डलमऊ मार्ग, ऊंचाहार से लालगंज मार्ग से होकर आप सहजता से डलमऊ प्रांतीय मेले तक पहुंच सकते हैं । मेला क्षेत्र के अंदर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा को देखते हुए पार्किंग बनाई गई हैं जिनमें सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

डलमऊ में पहली बार प्रांतीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। जिसके सफल आयोजन के लिए सभी विभाग अपने अपने कार्यों को बखूबी निर्वहन कर रहे हैं । बीते वर्षों से बेहतर इस वर्ष मेला हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं । श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के दौरान किसी भी समस्या से दो-चार न होना पड़े इसके लिए भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं।

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